छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और औद्योगिक प्रक्रियाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा एक शैक्षणिक एवं मनोरंजक औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 49 छात्रों का एक दल लुधियाना जिले के लाढोवाल स्थित मेगा फूड पार्क में स्थापित इस्कॉन बालाजी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का दौरा करने पहुंचा। यह मेगा फूड पार्क भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है।
इस भ्रमण में छात्रों के साथ विभाग की डॉ. प्रिया कट्याल और डॉ. ऋचा अरोड़ा भी मौजूद रहीं। यह दौरा आईसीएआर योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योगों में होने वाली वास्तविक प्रक्रियाओं का अनुभव प्रदान करना था।
भ्रमण के दौरान छात्रों को कंपनी के विशेषज्ञों और कर्मचारियों के साथ संवाद करने तथा प्रसंस्करण इकाई को करीब से देखने का अवसर मिला। यहां छात्रों को आलू से पोटैटो फ्लेक्स तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार विभिन्न आधुनिक मशीनों और तकनीकों का उपयोग कर आलू का प्रसंस्करण किया जाता है और उच्च गुणवत्ता वाले पोटैटो फ्लेक्स तैयार किए जाते हैं।
इसके अलावा छात्रों को उत्पादन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानकों और उद्योग में अपनाई जाने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इस इंटरैक्टिव सत्र के माध्यम से छात्रों को उद्योग की कार्यप्रणाली को समझने, अपनी जिज्ञासाओं को दूर करने और व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
उल्लेखनीय है कि इस्कॉन बालाजी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पहले से ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग के साथ एक परियोजना के तहत जुड़ा हुआ है, जो आलू प्रसंस्करण उद्योग और लुधियाना जिले की मंडियों से निकलने वाले अपशिष्ट के मूल्य संवर्धन से संबंधित है। इस सहयोग के माध्यम से उद्योग और अकादमिक संस्थान के बीच ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल रहा है।
इस पहल की सराहना करते हुए पीजीएस के डीन डॉ. एम.आई.एस. गिल और कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन डॉ. किरण बैंस ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को उद्योगों में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलती है और भविष्य में करियर के नए अवसरों को समझने में मदद मिलती है।

