देश में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एग्रीस्टैक के तहत किसान रजिस्टर में अब तक 9.20 करोड़ से अधिक किसान आईडी (Farmer ID) जारी की जा चुकी हैं। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री Ram Nath Thakur ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को एक डिजिटल पहचान (Farmer ID) प्रदान करना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। इस रजिस्ट्रेशन में न केवल भूमिधारक किसान, बल्कि महिला किसान, पशुपालक, मत्स्यपालक, किरायेदार और बटाईदार किसान भी शामिल किए जा रहे हैं।
AgriStack के तहत बनाई गई यह किसान आईडी प्रणाली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं के साथ आसानी से जुड़ती है। इससे PM-KISAN Scheme, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद, कृषि ऋण वितरण, इनपुट सब्सिडी और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ किसानों तक तेजी से पहुंच रहा है।
राज्यों में इस प्रणाली के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। महाराष्ट्र ने एग्रीस्टैक का उपयोग कर खरीफ 2025 में फसल नुकसान के लिए 89 लाख किसानों को मात्र 5 दिनों में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की। वहीं छत्तीसगढ़ ने MSP आधारित धान खरीद में किसान आईडी और डिजिटल फसल सर्वे को लागू कर 32 लाख से अधिक किसानों को शामिल किया, जिससे पारदर्शिता और भुगतान में तेजी आई है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक करीब 1.99 करोड़ किसान आईडी जारी की गई हैं, जबकि महाराष्ट्र (1.31 करोड़), मध्य प्रदेश (1.04 करोड़), राजस्थान (83 लाख) और कर्नाटक (60 लाख से अधिक) भी प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। जिन किसानों के पास मोबाइल या इंटरनेट सुविधा नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कृषिसाखियों की मदद से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्यों द्वारा विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों को इस पहल से जोड़ा जा रहा है।
इस डिजिटल पहल से किसानों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। यह पहल भविष्य में AI आधारित कृषि सलाह, फसल निगरानी और स्मार्ट कृषि प्रणाली को भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।
एग्रीस्टैक के तहत किसान आईडी का विस्तार भारत के कृषि क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो किसानों को समय पर सहायता, पारदर्शिता और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करेगा।

