केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने निवास पर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाए रखना और आगामी खरीफ सीजन के लिए समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना था।
बैठक में मंत्री ने कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उर्वरकों की सुचारु और पारदर्शी आपूर्ति पर विशेष जोर दिया और ‘फार्मर आईडी’ के काम को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों तक सुविधाएं सही तरीके से और समय पर पहुंच सकें। उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी।
बैठक में खाद और बीज की कालाबाजारी तथा जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया गया। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग संकट की स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही राज्यों को भी इस दिशा में सख्ती बरतने के लिए कहा जाएगा।
बैठक के दौरान बीज उत्पादन और पैकेजिंग से जुड़ी जरूरतों की भी समीक्षा की गई। बीज सुखाने के लिए आवश्यक गैस की उपलब्धता और एग्रो-केमिकल्स की सप्लाई को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी तरह की कमी न होने दी जाए। इसके अलावा कृषि और डेयरी उत्पादों की पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने पर भी जोर दिया गया।
कृषि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए एक विशेष सेल (स्पेशल सेल) बनाने का भी निर्णय लिया गया है। यह सेल खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता की नियमित रिपोर्ट तैयार कर सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपेगा।
बैठक के अंत में श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर किसान तक समय पर जरूरी संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

