सहकारिता मंत्रालय देश में रोजगार बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और आम लोगों की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सहकारी मॉडल को बढ़ावा दे रहा है। इसी दिशा में ‘भारत टैक्सी’ एक नई और महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है, जो मोबिलिटी क्षेत्र में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है।
‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि भागीदार के रूप में शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक एग्रीगेटर कंपनियों के विकल्प के रूप में एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां ड्राइवरों को सम्मानजनक आय और निर्णय लेने में भागीदारी मिल सके।
यह सहकारी संस्था बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को देश के आठ प्रमुख सहकारी संस्थानों द्वारा की गई थी और इसे 5 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। 1 मार्च 2026 तक इस प्लेटफॉर्म से 3.76 लाख से अधिक ड्राइवर, जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है, जुड़ चुके हैं।
इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात इसका शून्य-कमीशन मॉडल है। यानी ड्राइवरों से किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाता और उन्हें पूरी कमाई सीधे मिलती है। यह व्यवस्था निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मुकाबले ड्राइवरों के लिए अधिक फायदेमंद मानी जा रही है।
‘भारत टैक्सी’ में किराया पूरी तरह पारदर्शी है, जो दूरी, समय और बाजार की स्थिति के आधार पर तय होता है। इसमें यात्रियों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क या सर्ज प्राइसिंग नहीं ली जाती, जिससे यह सेवा किफायती भी बनती है।
प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता के लिए आसान मोबाइल ऐप, रियल टाइम वाहन ट्रैकिंग, कई भाषाओं में सेवा और 24 घंटे ग्राहक सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, ड्राइवरों के लिए सुरक्षित और सत्यापित पंजीकरण प्रक्रिया भी सुनिश्चित की गई है।
यह पहल ‘सहकार से समृद्धि’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत करती है, जिसमें ड्राइवरों को स्वामित्व, सम्मान और बेहतर आय का अवसर मिलता है, जबकि यात्रियों को भरोसेमंद और सस्ती सेवा उपलब्ध होती है।
इस संबंध में जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

