केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत देशभर में मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (FFPOs) का गठन किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान कुल 2195 एफएफपीओ के गठन हेतु 544.86 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से अब तक 1990 एफएफपीओ का गठन पूरा हो चुका है।
इन संगठनों का उद्देश्य मछुआरों और मछली पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनकी सौदेबाजी क्षमता बढ़ाना और उन्हें संगठित बाजार उपलब्ध कराना है।इस पहल के कार्यान्वयन में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB), लघु किसान कृषि-व्यापार संघ (SFAC), राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) जैसी प्रमुख एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना (245), महाराष्ट्र (196), असम (176) और आंध्र प्रदेश (176) में सबसे अधिक एफएफपीओ गठित हुए हैं। वहीं कर्नाटक में 64 संगठनों का गठन किया गया है।इसके अलावा, कर्नाटक में मत्स्य विकास को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर 1078.12 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 375.04 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में तालाब निर्माण, रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), हैचरी, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन सुविधाएं और समुद्री शैवाल संवर्धन जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

