उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। प्रदेश में सोमवार से गेहूं खरीद की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है, जो 15 जून तक चलेगी। इस बार सरकार ने किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जिससे साफ है कि इस बार खरीद प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी अधिक रहने वाली है।
सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये अधिक है। MSP में यह बढ़ोतरी किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।
कृषि विभाग के मुताबिक, किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 3574 क्रय केंद्र शुरू किए जा चुके हैं, जबकि कुल मिलाकर 6500 केंद्र स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। इन केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए छाया, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस साल गेहूं की फसल अच्छी हुई है और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए गए थे। इसी को देखते हुए सरकार ने खरीद लक्ष्य को 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह फैसला किसानों को उनकी पूरी उपज बेचने का अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है।
खास बात यह है कि इस बार भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को उनकी फसल का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा उतराई, छनाई और सफाई के लिए भी किसानों को अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा।
जो किसान अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in या ‘यूपी किसान मित्र’ मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण या नवीनीकरण कर सकते हैं। गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। यदि किसानों को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद को सुगम, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

