राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सौर कृषि विज वाहिणी योजना (एमएसकेवीवाई) फेस-2 के तहत जिले में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि अभी तक किसानों को इसका सीधा लाभ नहीं मिल पाया है, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में स्थिति बदलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग कुल खपत का लगभग 30 प्रतिशत है और लंबे समय से किसान दिन में पर्याप्त बिजली की मांग करते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के माध्यम से किसानों को सुबह से शाम तक नियमित बिजली आपूर्ति देने का लक्ष्य रखा है।
वर्तमान में जिले के कई स्थानों पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जारी है। कुछ स्थानों पर काम पूरा भी हो चुका है, लेकिन बिजली आपूर्ति शुरू होने में अभी थोड़ा समय लग सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अगले 6 महीनों में अधिकतर परियोजनाएं पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
इस योजना के तहत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके लिए जमीन को लंबी अवधि के लिए लीज पर लेकर सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। एक मेगावाट उत्पादन के लिए लगभग 3 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को प्रतिदिन लगभग 10 घंटे दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
योजना की एक खास बात यह भी है कि साढ़े सात एचपी तक के कृषि पंपों को नि:शुल्क बिजली दी जाएगी, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को सीधा फायदा होगा।
इस पहल से न केवल किसानों को समय पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी, बल्कि कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। खासकर उन क्षेत्रों में जहां किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं, वहां यह योजना बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही जिले के किसानों को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति का लाभ मिलने लगेगा, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

