देश में ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं और रणनीतियां लागू की हैं। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटन मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन स्थलों का विकास मुख्य रूप से राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है, लेकिन केंद्र सरकार अपनी योजनाओं के जरिए इस प्रक्रिया को गति देने में सहयोग करती है। मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में स्वदेश दर्शन योजना, स्वदेश दर्शन 2.0, ‘चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD)’ और PRASHAD योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत देशभर में पर्यटन अवसंरचना, सुविधाओं और विरासत स्थलों के विकास के लिए राज्यों को सहायता दी जाती है।
मंत्री ने बताया कि यह वित्तीय सहायता परियोजनाओं की गुणवत्ता, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), और योजना दिशा-निर्देशों के पालन के आधार पर दी जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि पर्यटन विकास योजनाएं प्रभावी और टिकाऊ हों।
पर्यटन मंत्रालय भारत को वैश्विक पर्यटन बाजार में एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए भी सक्रिय प्रयास कर रहा है। इसके तहत ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्रालय एकीकृत विपणन रणनीति के तहत ट्रैवल फेयर, रोड शो, ‘इंडिया इवनिंग’, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन करता है। इसके साथ ही भारतीय सांस्कृतिक और खाद्य उत्सवों का आयोजन, वैश्विक मीडिया अभियान और एयरलाइंस व टूर ऑपरेटरों के साथ संयुक्त प्रचार भी किया जाता है।
ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय ने ‘आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक पहल’ के तहत एक राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप भी तैयार किया है। इस रणनीति का उद्देश्य गांवों की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पारंपरिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक अवसरों में बदलना है।
इस राष्ट्रीय रणनीति के छह प्रमुख स्तंभ हैं—ग्रामीण पर्यटन के लिए आदर्श नीतियां और सर्वोत्तम प्रथाएं, डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग, पर्यटन क्लस्टर का विकास, प्रभावी विपणन सहायता, हितधारकों का क्षमता निर्माण और मजबूत प्रशासनिक एवं संस्थागत ढांचा। इन सभी पहलुओं पर ध्यान देकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इस रणनीति को सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया है, ताकि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसे लागू कर सकें। इससे पर्यटन का विकास न केवल बड़े शहरों तक सीमित रहेगा, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों तक भी पहुंचेगा।
धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। PRASHAD योजना के तहत देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों का पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। कुल मिलाकर, सरकार की ये योजनाएं पर्यटन को एक मजबूत आर्थिक इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।

