केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर देशभर में जोनल कृषि कॉन्फ्रेंसों की श्रृंखला 7 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत जयपुर से होगी।
पहले सम्मेलन में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके बाद 17 अप्रैल को लखनऊ, 24 अप्रैल को भुवनेश्वर और मई के अंत में हैदराबाद व गुवाहाटी में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इन कॉन्फ्रेंसों में केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्री, वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, एफपीओ, स्टार्टअप और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर कृषि योजनाओं की समीक्षा करेंगे और जमीनी अनुभवों के आधार पर नई कार्ययोजना तैयार करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन बैठकों में आत्मनिर्भर दलहन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्राकृतिक खेती मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही राज्यों के सफल मॉडल—जैसे सिंचाई, उर्वरक वितरण और एग्री-स्टैक—को साझा कर पूरे देश में लागू करने की रणनीति बनाई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री ने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से कृषि क्षेत्र में निवेश, उत्पादकता और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

