डिजिटल परिवर्तन और उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बेसिल) ने प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य देश में आधुनिक तकनीकों के विकास, कार्यान्वयन और कौशल उन्नयन को नई दिशा देना है।
यह समझौता कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), साइबर सुरक्षा, 5जी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं, परामर्श सेवाओं और तकनीकी समाधान विकसित करने पर केंद्रित है। दोनों संस्थान मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए नवाचार आधारित समाधान तैयार करेंगे, जिससे तकनीक का लाभ अधिक व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सकेगा।
इस सहयोग का एक प्रमुख पहलू तकनीकी समाधानों का विकास और उनका प्रभावी क्रियान्वयन है। इसके माध्यम से न केवल नई तकनीकों का विकास होगा, बल्कि उनके प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। इससे सरकारी और निजी क्षेत्रों को आधुनिक, सस्ती और प्रभावी तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
एमओयू पर हस्ताक्षर बेसिल के निदेशक (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कैप्टन (आईएन) सौरव चौहान (सेवानिवृत्त) और सी-डैक के रजिस्ट्रार निरंजन वैष्णव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए। इस अवसर पर बेसिल के सीएमडी कमोडोर डीके मुरली (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह साझेदारी संगठन की तकनीकी क्षमताओं को और सशक्त बनाएगी। उन्होंने बताया कि सी-डैक के साथ मिलकर बेसिल उन्नत प्रौद्योगिकियों में अपनी विशेषज्ञता को और विस्तार देगा और देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में योगदान करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों संगठनों की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए यह सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी और नवाचार आधारित समाधान प्रदान करेगा। इससे न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार होगा।
यह साझेदारी कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर देती है। इसके तहत कार्यबल के कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त पहल की जाएगी। इससे युवाओं और पेशेवरों को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और देश में एक सक्षम डिजिटल कार्यबल तैयार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारियां भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह पहल डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जिसके तहत देश में डिजिटल सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाना लक्ष्य है।
बेसिल, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न श्रेणी-I सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, प्रसारण, सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्षेत्रों में परामर्श और समाधान प्रदान करता है। वहीं सी-डैक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत कार्यरत एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्था है, जो उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, एआई और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाती है।
इस समझौते से न केवल तकनीकी नवाचार को गति मिलेगी, बल्कि भारत में एक मजबूत, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

