देश के डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व में ऐतिहासिक 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya Scindia की अध्यक्षता में आयोजित वार्षिक व्यापार बैठक 2026-27 में इस उपलब्धि की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी वर्ष की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
बैठक में देशभर के 23 डाक सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और डाक निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बताया गया कि डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15,296 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष के 13,218 करोड़ रुपये की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। हालांकि कुल निर्धारित लक्ष्य 17,546 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले विभाग ने 88 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।
मंत्री ने इस प्रदर्शन को “संरचनात्मक परिवर्तन और मजबूत वित्तीय प्रबंधन का परिणाम” बताते हुए विभाग के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 8 सर्किलों ने अपने लक्ष्य का 90 प्रतिशत से अधिक हासिल किया, जबकि 14 सर्किलों ने 80-90 प्रतिशत के बीच प्रदर्शन किया, जो संगठन की व्यापक क्षमता को दर्शाता है।
तेजी से बढ़ते क्षेत्र बने विकास का आधार
बैठक में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया गया। नागरिक केंद्रित सेवाएं 70 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बनकर उभरीं। दिल्ली सर्कल ने इस क्षेत्र में 782 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज कर सभी को चौंका दिया।
पार्सल सेवाओं में भी 69 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई, जिसमें राजस्थान सर्कल ने 265 प्रतिशत की बढ़त के साथ अग्रणी भूमिका निभाई। वहीं डाक संचालन में 34 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें असम सर्कल शीर्ष पर रहा।
डाक जीवन बीमा (PLI/RPLI) में 30 प्रतिशत वृद्धि और डाकघर बचत बैंक (POSB) में 13 प्रतिशत वृद्धि ने भी विभाग के राजस्व को मजबूती प्रदान की। बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे सर्किलों ने इन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
राजस्थान सर्कल बना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता
समग्र प्रदर्शन के आधार पर राजस्थान सर्कल को सबसे बेहतर सर्किल घोषित किया गया, जिसने अपने राजस्व लक्ष्य का 102 प्रतिशत हासिल किया और पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह अन्य सर्किलों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
भविष्य की रणनीति: पार्सल और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं पर फोकस
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में India Post को एक आधुनिक, एकीकृत और ग्राहक-केंद्रित सेवा संगठन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पार्सल और डाक सेवाओं को प्रमुख राजस्व स्रोत बनाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले सर्किलों की कार्यप्रणाली को अन्य सर्किलों में लागू किया जाएगा, जबकि औसत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए विशेष रणनीतियां अपनाई जाएंगी। लागत नियंत्रण, संसाधनों का कुशल उपयोग और स्पष्ट जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया गया।
नई पहल और सुधारों पर जोर
श्री सिंधिया ने पार्सल संचालन, मानव संसाधन, वित्त और व्यवसाय विकास जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती, बेहतर निगरानी और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डाक विभाग अब पारंपरिक सेवाओं से आगे बढ़कर डिजिटल और आधुनिक सेवाओं की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
आगे की राह
मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में डाक विभाग और अधिक तेज गति से विकास करेगा। विशेष रूप से नागरिक सेवाएं, पार्सल, बीमा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में विस्तार से विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
डाक विभाग का यह प्रदर्शन न केवल उसकी बदलती कार्यशैली को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही रणनीति और समर्पण के साथ पारंपरिक संस्थान भी आधुनिक दौर में प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं।

