उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी, लू और लगातार बढ़ते तापमान की मार झेल रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही मौसम ने ऐसा रुख अपना लिया है, जैसा आमतौर पर मई-जून के महीनों में देखने को मिलता है। आसमान पूरी तरह साफ है, तेज पछुआ हवाएं लगातार चल रही हैं और तापमान कई जिलों में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और लखनऊ आंचलिक मौसम केंद्र ने 22 से 26 अप्रैल तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए भीषण लू का अलर्ट जारी किया है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है, क्योंकि इसका असर अब सीधे जनजीवन पर दिखाई देने लगा है।
शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं का कहर
राजधानी लखनऊ के साथ-साथ कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। दोपहर होते-होते गर्म हवाएं हालात को और मुश्किल बना देती हैं, जिससे बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बाजारों में भीड़ कम नजर आ रही है और सड़कों पर सन्नाटा बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे अधिक जोखिम भरा है, इसलिए इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगा लू का असर
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 24 अप्रैल को लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और गाजियाबाद समेत 50 से अधिक जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं 25 अप्रैल को हालात सबसे ज्यादा खराब रहने के आसार हैं, जब करीब 60 जिलों में भीषण लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मेरठ, बागपत, मुरादाबाद, झांसी, जालौन और महोबा जैसे जिले भी इसकी चपेट में रहेंगे। 26 अप्रैल को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ और बलिया में भी लू का असर जारी रहने की संभावना है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है, जिससे बादल बनने या बारिश होने की संभावना नहीं बन रही है। लगातार चल रही गर्म पछुआ हवाएं जमीन को तेजी से गर्म कर रही हैं। यही वजह है कि वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। इस स्थिति ने पूरे प्रदेश को मानो हीट चैंबर में बदल दिया है।
बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा गर्मी का असर
बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। बांदा में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जबकि झांसी भी अत्यधिक गर्मी से बेहाल है। यहां सुबह से ही तेज धूप शुरू हो जाती है और दिनभर गर्म हवाएं चलती रहती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में तापमान नए रिकॉर्ड भी बना सकता है।
राहत की उम्मीद कब?
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ राहत की संभावना भी जताई है। अनुमान है कि 27 से 28 अप्रैल के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी मानी जा रही है।
स्वास्थ्य पर खतरा, सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की भीषण गर्मी और लू स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

