मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां एक क्रूज बोट दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह हादसा उस समय हुआ जब पर्यटकों से भरी क्रूज बोट नदी में सैर के दौरान अचानक असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रशासन के मुताबिक, क्रूज में कुल मिलाकर 25 से अधिक लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों को मौके पर भेजा गया। अब तक 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कुछ लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसके चलते सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज बोट में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। बताया जा रहा है कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण बोट एक तरफ झुक गई और देखते ही देखते पलट गई। कई लोग तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ लोग पानी में डूब गए।
जबलपुर जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पर्यटन के नाम पर सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज किया जाता रहा है। कई बार ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह जरूरी हो गया है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

