देश में समावेशी विकास को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और HelpAge India के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और उनके समग्र कल्याण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
यह पहल ग्रामीण विकास मंत्रालय के खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (FNHW) फ्रेमवर्क के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य समुदाय आधारित मॉडल के जरिए बुजुर्गों की देखभाल को बेहतर बनाना है। MoU पर हस्ताक्षर मंत्रालय के अपर सचिव टी. के. अनिल कुमार और HelpAge India के सीईओ रोहित प्रसाद द्वारा किए गए।
इस अवसर पर टी. के. अनिल कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि समुदाय आधारित और समग्र दृष्टिकोण से ही संभव है। उन्होंने नीति आयोग द्वारा सुझाए गए सुलभ, सतत और गरिमापूर्ण देखभाल मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
संयुक्त सचिव स्वाती शर्मा ने बताया कि यह पहल “लखपति दीदी” अभियान को भी मजबूती देगी। उनका कहना था कि जब महिलाएं स्वस्थ और सक्षम होंगी, तभी वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
HelpAge India के सीईओ रोहित प्रसाद ने कहा कि भारत में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्हें स्वास्थ्य, पोषण, गतिशीलता और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में DAY-NRLM के स्वयं सहायता समूह (SHG) नेटवर्क के साथ मिलकर इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
इस पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामुदायिक-आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में सक्रिय वरिष्ठ नागरिक SHGs इस दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे। इसके अलावा, रणनीति निर्माण, प्रशिक्षण मॉड्यूल और क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इन राज्यों के अनुभवों के आधार पर एक ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे पूरे देश में लागू किया जा सके।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ नागरिक केवल आश्रित न रहकर समाज के सक्रिय योगदानकर्ता बनेंगे। उन्हें पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा, साथ ही सामाजिक अलगाव में भी कमी आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें हर नागरिक विशेषकर बुजुर्गों को गरिमा, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर सुनिश्चित किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, DAY-NRLM और HelpAge India के बीच यह समझौता ग्रामीण भारत में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एक नया मॉडल स्थापित करेगा, जो सामाजिक समावेशन और सामुदायिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
