भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research) के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि इसके वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. यशपाल सिंह मलिक को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा गया है। डॉ. मलिक, जो कि ICAR–Indian Veterinary Research Institute में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, को National Academy of Medical Sciences (भारत) की फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश के उन चुनिंदा वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया हो।
डॉ. मलिक को यह प्रतिष्ठित फेलोशिप उनके उल्लेखनीय शोध कार्यों और “वन हेल्थ” (One Health) दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका के लिए प्रदान की गई है। “वन हेल्थ” एक समग्र अवधारणा है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन को एक साथ जोड़कर देखा जाता है। आज के समय में जब कई बीमारियां पशुओं से मनुष्यों में फैल रही हैं (जूनोटिक रोग), ऐसे में यह दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
डॉ. मलिक ने अपने करियर में विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर बहु-संस्थागत अनुसंधान को नई दिशा दी है। विशेष रूप से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ उनके सहयोग ने कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका शोध कार्य मुख्य रूप से उन संक्रामक रोगों पर केंद्रित रहा है, जो पशुओं और मनुष्यों दोनों के लिए खतरा पैदा करते हैं।
रोटावायरस संक्रमण पर उनका कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। रोटावायरस एक ऐसा वायरस है, जो मुख्यतः बच्चों और पशुओं में गंभीर डायरिया का कारण बनता है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। डॉ. मलिक के शोध ने इस क्षेत्र में बेहतर समझ विकसित करने और प्रभावी नियंत्रण उपायों को लागू करने में मदद की है।
उनकी नेतृत्व क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टि ने न केवल पशु चिकित्सा विज्ञान को सशक्त बनाया है, बल्कि मानव स्वास्थ्य प्रणाली के साथ उसके समन्वय को भी मजबूत किया है। उनके प्रयासों से देश में एक मजबूत और टिकाऊ स्वास्थ्य ढांचे के निर्माण में मदद मिली है, जो भविष्य में उभरने वाली बीमारियों से निपटने में सक्षम है।
यह उपलब्धि केवल डॉ. मलिक के व्यक्तिगत योगदान का ही प्रमाण नहीं है, बल्कि यह भारत के वैज्ञानिक समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। देश के वैज्ञानिक आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
आईसीएआर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे संगठन के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे युवा वैज्ञानिकों को भी उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
डॉ. यशपाल सिंह मलिक की यह सफलता न केवल कृषि और पशु विज्ञान के क्षेत्र में, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान की बढ़ती ताकत और उसकी वैश्विक पहचान को और मजबूत करती है।

