Suvendu Adhikari PA Attack: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित दोहरिया इलाके में देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में चंद्रनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और राजनीतिक हलकों में भी इस वारदात को लेकर हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ देर रात अपनी स्कॉर्पियो कार से कहीं जा रहे थे। कार को उनका ड्राइवर चला रहा था, जबकि चंद्रनाथ आगे वाली सीट पर बैठे थे। बताया जा रहा है कि काफी देर से एक संदिग्ध कार उनकी गाड़ी का पीछा कर रही थी। शुरुआत में ड्राइवर को इस पर ज्यादा शक नहीं हुआ, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद पीछा कर रही कार अचानक उनकी स्कॉर्पियो के आगे आ गई और उसने अपनी रफ्तार धीमी कर दी।
अचानक सामने आई इस कार की वजह से चंद्रनाथ की गाड़ी की स्पीड भी कम करनी पड़ी। इसी दौरान साइड से बाइक सवार बदमाश तेजी से पहुंचे और बिना कोई मौका दिए चंद्रनाथ पर फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। देखते ही देखते इलाके में गोलियों की आवाज गूंजने लगी और अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की। गोलियां सीधे चंद्रनाथ को निशाना बनाकर चलाई गईं, जिनमें कई गोलियां उनके सीने के पास लगीं। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके शरीर से दो गोलियां निकालीं। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमला पूरी तरह से सुनियोजित था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है।
इस घटना के बाद भाजपा ने राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मध्यमग्राम की इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस मामले की जांच और चंद्रनाथ की हालत पर टिकी हुई है।

