राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत Anti Corruption Bureau Rajasthan (एसीबी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बार एसीबी की टीम ने Baran के कृषि विभाग में छापा मारते हुए संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीबी को कृषि विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विभागीय कार्य को आगे बढ़ाने के बदले अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की।
एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी शिकायतकर्ता से लंबे समय से संपर्क में था और काम के बदले पैसे की मांग कर रहा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम अधिकारी को सौंपी, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Kaluram ने किया। वहीं पूरी कार्रवाई Om Prakash Meena के सुपरविजन में अंजाम दी गई। एसीबी अधिकारियों ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया है या नहीं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में विभाग के अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल हैं या नहीं।
कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने आरोपी अधिकारी के कार्यालय और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की। जांच एजेंसी अब अधिकारी की संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं, तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद कृषि विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल है। विभाग में आने वाले किसान और आम लोग भी इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम मान रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं और ऐसी कार्रवाइयों से भ्रष्ट अधिकारियों में डर पैदा होगा।
राजस्थान में एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ सही तरीके से आम जनता तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में रिश्वतखोरी के मामले सामने आना चिंता का विषय है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीणों पर असर पड़ता है।
फिलहाल एसीबी आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

