Avian Influenza H5N1 के बढ़ते मामलों ने महाराष्ट्र के Navapur क्षेत्र में पोल्ट्री उद्योग को गहरे संकट में डाल दिया है। Maharashtra के नंदुरबार जिले की नवापुर तहसील में तीन पोल्ट्री फार्मों में H5N1 वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मुर्गियों का कलिंग शुरू कर दिया गया है, जबकि पोल्ट्री पक्षियों और अंडों की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, नवापुर के डायमंड, डॉन और तसरीन नामक पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित फार्मों के एक किलोमीटर के दायरे को “संक्रमित क्षेत्र” घोषित किया है, जबकि 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र को “निगरानी क्षेत्र” के रूप में चिह्नित किया गया है। पशुपालन विभाग की टीमें लगातार इलाके में सैनिटाइजेशन, निगरानी और सैंपल जांच का कार्य कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने पोल्ट्री पक्षियों के परिवहन, बिक्री और बाजार संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें, लेकिन सावधानी जरूर बरतें।
नंदुरबार की जिलाधिकारी Mitali Sethi ने बताया कि नवापुर क्षेत्र में लगभग 10 लाख से अधिक मुर्गियां मौजूद हैं और संक्रमण नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पक्षियों को मारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक एक किलोमीटर के दायरे में करीब 2.5 लाख मुर्गियों का कलिंग किया जा चुका है। वहीं दो किलोमीटर तक के इलाके में निगरानी और सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। संक्रमण के संभावित फैलाव को देखते हुए पड़ोसी Gujarat के तापी जिले से भी पोल्ट्री सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
नवापुर महाराष्ट्र का एक प्रमुख पोल्ट्री केंद्र माना जाता है। जिले के कुल 38 पोल्ट्री फार्मों में से 27 अकेले नवापुर में स्थित हैं। यहां से बड़ी मात्रा में अंडों और पोल्ट्री उत्पादों की सप्लाई गुजरात के Surat सहित कई शहरों में की जाती है। एक अनुमान के अनुसार, नवापुर से प्रतिदिन लगभग 10 लाख अंडों की सप्लाई सूरत भेजी जाती थी। लेकिन संक्रमण की पुष्टि के बाद यह सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है।
बर्ड फ्लू के कारण पोल्ट्री उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। पोल्ट्री किसानों का कहना है कि पहले से ही भीषण गर्मी के कारण अंडों की कीमतों में गिरावट आई हुई थी, जिससे कारोबार प्रभावित था। अब बर्ड फ्लू के चलते लाखों मुर्गियों का कलिंग और व्यापार पर रोक ने स्थिति और गंभीर बना दी है। किसानों ने सरकार से उचित मुआवजा और राहत पैकेज देने की मांग की है।
यह पहली बार नहीं है जब नवापुर में बर्ड फ्लू का संकट सामने आया हो। वर्ष 2021 में भी इस क्षेत्र में बर्ड फ्लू फैलने से पोल्ट्री किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। विशेषज्ञों का कहना है कि पोल्ट्री उद्योग में इस तरह की बीमारियां समय-समय पर आती रहती हैं, लेकिन H5N1 जैसे वायरस तेजी से फैलते हैं और नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर पक्षियों को नष्ट करना पड़ता है।
पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संक्रमित पक्षियों के संपर्क से बचना जरूरी है और पोल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करना चाहिए। प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक करने और संक्रमण पर नियंत्रण पाने के प्रयास में जुटा हुआ है।

