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Home कृषि समाचार

कृषि नवाचारों को मिलेगा सुरक्षा कवच, भाकृअनुप-आईआईआरएमआर में आईपीआर कार्यशाला आयोजित

The central government is in action mode to ensure MSP for farmers. Shivraj Singh Chouhan has issued strict instructions to NAFED and NCCF.

Emran Khan by Emran Khan
May 9, 2026
in कृषि समाचार
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कृषि नवाचारों को मिलेगा सुरक्षा कवच, भाकृअनुप-आईआईआरएमआर में आईपीआर कार्यशाला आयोजित
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केंद्र सरकार ने किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित कराने के लिए उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सख्त एवं प्रभावी बनाने का फैसला किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में NAFED और NCCF अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार में किसानों को MSP से कम कीमत मिल रही है, वहां तत्काल प्रभाव से तेज और व्यापक खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसान किसी भी हालत में अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर नहीं होना चाहिए।

बैठक में उपार्जन की मौजूदा स्थिति, दलहन-तिलहन की खरीद, भुगतान व्यवस्था, राज्य स्तरीय बाधाओं और खरीद तंत्र की प्रभावशीलता की विस्तार से समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को उनकी उपज का न्यायसंगत मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“उपार्जन केवल प्रक्रिया नहीं, किसानों के हित का मिशन”

श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उपार्जन को सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया मानकर नहीं चलाया जा सकता। यह किसानों के हितों से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन है। यदि बाजार में कीमतें MSP से नीचे चल रही हैं और खरीद पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है, तो यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने NAFED और NCCF से कहा कि वे राज्यों के साथ समन्वय बनाकर हर जिले में खरीद व्यवस्था को मजबूत करें और किसानों तक इसका लाभ पहुंचाएं।

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यवार लक्ष्य तय करने के साथ-साथ जिला स्तर पर भी स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में उत्पादन, संभावित आवक और न्यूनतम 25 प्रतिशत खरीद क्षमता का आकलन कर प्रभावी खरीद रणनीति तैयार की जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसानों को समय पर MSP का लाभ मिले और उन्हें बाजार में नुकसान न उठाना पड़े।

दलहन और तिलहन फसलों पर विशेष फोकस

बैठक में विशेष रूप से चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीद की समीक्षा की गई। श्री चौहान ने कहा कि इन फसलों के किसानों को कई राज्यों में MSP से कम कीमत मिल रही है, इसलिए वहां खरीद अभियान को और तेज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य MSP से नीचे है, वहां उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और खरीद क्षमता में वृद्धि की जाए।

मंत्री ने यह भी कहा कि जिला स्तर पर आने वाली समस्याओं, गुणवत्ता संबंधी मुद्दों, राज्य सरकारों के निर्देशों और स्थानीय प्रशासनिक बाधाओं की प्रतिदिन निगरानी की जाए। यदि कहीं भी कोई समस्या आती है तो उसे तुरंत केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।

मसूर खरीद को लेकर विशेष निर्देश

मसूर उपार्जन की समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने अधिकारियों से राज्यों में वास्तविक बाजार भाव की ताजा जानकारी जुटाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां मसूर की कीमत MSP के आसपास या उससे नीचे है, वहां खरीद एजेंसियां और अधिक सक्रियता से काम करें। उनका कहना था कि किसानों को यह भरोसा होना चाहिए कि सरकार उनकी उपज खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार है।

72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर

बैठक में किसानों को भुगतान में देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कई राज्यों से यह शिकायत सामने आई कि किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इस पर श्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि किसानों को अधिकतम 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट SOP तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि भुगतान व्यवस्था तेज, सरल और भरोसेमंद होनी चाहिए। किसानों को यदि समय पर पैसा नहीं मिलेगा तो सरकारी खरीद व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर होगा। इसलिए राज्यों के साथ चर्चा कर ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे भुगतान में अनावश्यक देरी समाप्त हो सके।

राज्यों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा

बैठक में विभिन्न राज्यों से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बिहार में DBT व्यवस्था की कमी, गुजरात में भुगतान में देरी, महाराष्ट्र में डेटा लंबित रहने और आंध्र प्रदेश में अतिरिक्त मात्रा के आंकड़ों जैसे मामलों को गंभीरता से लिया गया। इसके अलावा राज्य पोर्टलों और CNA पोर्टल के एकीकरण की प्रक्रिया को भी तेज करने पर जोर दिया गया।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी राज्य की प्रशासनिक प्रक्रिया या स्थानीय व्यवस्था किसानों से खरीद में बाधा बन रही है, तो केंद्र सरकार सक्रिय हस्तक्षेप कर समाधान सुनिश्चित करेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं की सूची बनाकर समाधान सहित प्रस्तुत करें ताकि तेजी से निर्णय लिए जा सकें।

“MSP पर भरोसा बढ़ेगा तो बढ़ेगा उत्पादन”

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को MSP व्यवस्था पर पूरा भरोसा होगा। यदि किसानों को यह विश्वास रहेगा कि जरूरत पड़ने पर सरकार उनकी उपज MSP पर खरीदेगी, तभी वे बड़े पैमाने पर इन फसलों की खेती के लिए आगे आएंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को संकट में छोड़ने वाली नहीं है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य, त्वरित भुगतान और पारदर्शी खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिए उपार्जन तंत्र को और अधिक जवाबदेह तथा परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने NAFED और NCCF अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शेष खरीद अवधि में प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार दिखाएं और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता से कार्य करें।

 

Tags: AgricultureFarmingIndianAgriculture
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