देश में कृषि उद्यमिता और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने वाली Agri-Clinics and Agri-Business Centres (AC&ABC) योजना को वर्ष 2026-2031 तक जारी रखने और इसे और मजबूत बनाने की मांग तेज हो गई है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में इस योजना के महत्व को रेखांकित किया गया है। पत्र में कहा गया है कि यह योजना कृषि क्षेत्र में युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और किसानों तक कृषि विस्तार सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है।
दरअसल, अखिल भारतीय एग्री-क्लिनिक्स एवं एग्री-बिजनेस सेंटर्स (AC&ABC) नोडल ट्रेनिंग संस्थानों की ओर से योजना को जारी रखने के संबंध में मांग उठाई गई थी। इसके बाद कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary के कार्यालय की ओर से कृषि मंत्रालय को इस मामले पर उचित विचार करने का अनुरोध किया गया है।
कृषि स्नातकों को मिल रहा स्वरोजगार
AC&ABC योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि स्नातकों और ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को कृषि परामर्श केंद्र, एग्री इनपुट सेंटर, डेयरी, मशरूम उत्पादन, जैविक खेती, फार्म मशीनरी बैंक और अन्य कृषि व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण एवं सहायता दी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना खेती को केवल पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रखती बल्कि इसे उद्यमिता और रोजगार से जोड़ती है। इससे गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और किसानों को आधुनिक तकनीकी सलाह भी मिलती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा
पत्र में इस योजना के जरिए ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करने का उल्लेख किया गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आज के समय में किसानों को केवल बीज और खाद ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सलाह, बाजार की जानकारी और आधुनिक तकनीक की भी जरूरत है।
ऐसे में एग्री-क्लिनिक्स किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। इससे छोटे और मध्यम किसानों तक भी नई तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी पहुंचती है।
2026-2031 तक योजना बढ़ाने की मांग
हितधारकों ने सरकार से मांग की है कि इस योजना को 2026 से 2031 तक जारी रखा जाए और इसके लिए नई नीति सहायता भी दी जाए। उनका कहना है कि यदि इस योजना को और मजबूत किया जाता है तो इससे कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बड़ी संख्या में कृषि स्नातक रोजगार की तलाश में हैं। यदि उन्हें प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले तो वे गांवों में ही सफल कृषि उद्यम स्थापित कर सकते हैं। इससे शहरों की ओर पलायन भी कम होगा।
किसानों को मिल सकती है बेहतर सेवाएं
AC&ABC योजना के तहत प्रशिक्षित युवा किसानों को मिट्टी परीक्षण, फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण, पशुपालन, जैविक खेती और बाजार संबंधी सेवाएं प्रदान करते हैं। इससे किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
कृषि क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, मिट्टी की गिरती गुणवत्ता और उत्पादन लागत में वृद्धि के बीच ऐसी योजनाएं किसानों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही हैं।
सरकार के निर्णय पर नजर
अब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से इस योजना पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है। यदि योजना को आगे बढ़ाया जाता है तो इससे लाखों ग्रामीण युवाओं और किसानों को लाभ मिल सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को आत्मनिर्भर और टिकाऊ कृषि प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ऐसी योजनाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है।


