• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home योजना

Warehouse Infrastructure Fund से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें कैसे करें आवेदन

Farmers will get huge benefit from Warehouse Infrastructure Fund, know how to apply

Fiza by Fiza
May 27, 2026
in योजना
0
Warehouse Infrastructure Fund

Warehouse Infrastructure Fund

0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Warehouse Infrastructure Fund : भारत में खेती के बाद सबसे बड़ी समस्या फसलों के भंडारण की रही है। हर साल लाखों टन अनाज, फल और सब्जियां सही स्टोरेज सुविधा न मिलने के कारण खराब हो जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने NABARD के माध्यम से वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड यानी WIF की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, साइलो और कृषि भंडारण सुविधाओं का निर्माण करना है ताकि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिल सके।

आज के समय में यह योजना किसानों, FPO, कृषि उद्यमियों और सहकारी समितियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे खेती के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने की जरूरत भी कम हो रही है।

कैसे हुई Warehouse Infrastructure Fund योजना की शुरुआत

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Warehouse Infrastructure Fund) की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2013-14 के बजट में की थी। तत्कालीन वित्त मंत्री ने कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक भंडारण के लिए NABARD को 5000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बाद RBI ने NABARD के तहत Warehouse Infrastructure Fund स्थापित करने की अनुमति दी।

सरकार का उद्देश्य था कि देश में आधुनिक गोदामों और कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ाई जाए ताकि खाद्यान्न सुरक्षित रखा जा सके और किसानों को बाजार में बेहतर अवसर मिलें। बाद में इस योजना का दायरा बढ़ाया गया और इसमें निजी कंपनियों, किसान उत्पादक संगठनों यानी FPO, पंचायतों और कृषि स्टार्टअप्स को भी शामिल किया गया।

योजना के तहत किन परियोजनाओं को मिलता है लाभ

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत कई तरह की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कृषि गोदाम निर्माण
  • कोल्ड स्टोरेज यूनिट
  • साइलो निर्माण
  • फल और सब्जियों के लिए कोल्ड चेन
  • कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट
  • ग्रामीण कृषि बाजार अवसंरचना
  • FPO के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर
  • रीफर वैन और मोबाइल स्टोरेज यूनिट

इस योजना का उद्देश्य केवल स्टोरेज बनाना नहीं बल्कि पूरी कृषि सप्लाई चेन को मजबूत करना है।

किन राज्यों में चल रही है यह योजना

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना पूरे भारत में लागू है। हालांकि सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी इलाकों और खाद्यान्न की कमी वाले राज्यों को प्राथमिकता दी है।

योजना का लाभ इन राज्यों में तेजी से लिया जा रहा है:

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • महाराष्ट्र
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • असम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • ओडिशा
  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश

पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक सब्सिडी भी दी जाती है ताकि वहां कृषि स्टोरेज नेटवर्क मजबूत हो सके।

किसानों और FPO को कितना मिलता है फायदा

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत किसानों और FPO को कई बड़े फायदे मिलते हैं।

फसल खराब होने का खतरा कम

अगर किसान अपनी उपज को सुरक्षित स्टोर कर पाते हैं तो बारिश, नमी और गर्मी से होने वाला नुकसान काफी कम हो जाता है।

बेहतर दाम मिलने की संभावना

किसान तुरंत फसल बेचने के बजाय बाजार में सही कीमत आने तक स्टॉक कर सकते हैं।

बैंक लोन और सब्सिडी

योजना के तहत बैंक लोन के साथ सब्सिडी भी दी जाती है जिससे किसानों का शुरुआती खर्च कम होता है।

ग्रामीण रोजगार

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज बनने से गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

सप्लाई चेन मजबूत

इससे कृषि उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और निर्यात के अवसर भी बढ़ते हैं।

योजना में कितनी मिलती है सब्सिडी

वेयरहाउस निर्माण के लिए सरकार अलग-अलग श्रेणी के लाभार्थियों को अलग सब्सिडी देती है।

सामान्य श्रेणी

  • परियोजना लागत का लगभग 25% तक सब्सिडी
  • अधिकतम 75 लाख रुपये तक सहायता

महिला, SC/ST, FPO और SHG

  • 33.33% तक सब्सिडी
  • अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक लाभ

पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्य

  • 33.33% तक विशेष सब्सिडी

यह सहायता परियोजना लागत और स्टोरेज क्षमता के आधार पर तय की जाती है।

कौन कर सकता है आवेदन

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के लिए कई प्रकार के लोग आवेदन कर सकते हैं:

  • व्यक्तिगत किसान
  • कृषि उद्यमी
  • किसान उत्पादक संगठन (FPO)
  • सहकारी समितियां
  • पंचायतें
  • SHG समूह
  • निजी कंपनियां
  • एग्री स्टार्टअप्स

सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण निवेश को बढ़ावा देना है।

किसान कैसे करें आवेदन

वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया काफी आसान रखी गई है।

पहला चरण: परियोजना रिपोर्ट तैयार करें

सबसे पहले किसान या संस्था को Detailed Project Report यानी DPR तैयार करनी होती है। इसमें जमीन, क्षमता, लागत और बिजनेस मॉडल की जानकारी दी जाती है।

दूसरा चरण: बैंक से संपर्क करें

इसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक में आवेदन किया जाता है। NABARD सीधे किसानों को पैसा नहीं देता बल्कि बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है।

तीसरा चरण: दस्तावेज जमा करें

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • भूमि दस्तावेज
  • बैंक खाता
  • DPR रिपोर्ट
  • पैन कार्ड
  • संस्था रजिस्ट्रेशन दस्तावेज (यदि FPO या कंपनी हो)

चौथा चरण: बैंक मूल्यांकन

बैंक परियोजना की जांच करता है और मंजूरी मिलने के बाद ऋण जारी किया जाता है।

पांचवां चरण: सब्सिडी जारी

परियोजना पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि जारी की जाती है।

वेयरहाउस निर्माण के लिए जरूरी शर्तें

योजना के तहत गोदाम निर्माण के लिए कुछ तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी होता है।

  • WDRA मानकों के अनुसार निर्माण
  • उचित वेंटिलेशन
  • नमी नियंत्रण
  • सुरक्षा व्यवस्था
  • ऊंचा प्लेटफॉर्म
  • वैज्ञानिक स्टोरेज डिजाइन

इन मानकों का पालन करने पर ही परियोजना को मंजूरी मिलती है।

कृषि क्षेत्र में क्यों बढ़ रही है वेयरहाउस की जरूरत

भारत में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है लेकिन स्टोरेज क्षमता अभी भी सीमित है। कई रिपोर्टों में बताया गया है कि पर्याप्त भंडारण न होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बन रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में कृषि लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज सेक्टर में बड़े निवेश देखने को मिल सकते हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

सरकार का फोकस ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर

केंद्र सरकार अब कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के साथ-साथ Agriculture Infrastructure Fund और कोल्ड चेन योजनाओं को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि गांव स्तर पर छोटे और मध्यम वेयरहाउस तैयार हों ताकि किसान स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज स्टोर कर सकें।

क्या छोटे किसान भी उठा सकते हैं योजना का लाभ

जी हां, छोटे किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अगर किसान समूह बनाकर FPO या सहकारी समिति के माध्यम से आवेदन करते हैं तो उन्हें ज्यादा सब्सिडी और बेहतर बैंक सहायता मिलने की संभावना रहती है।विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे किसानों के लिए सामूहिक वेयरहाउस मॉडल सबसे अधिक लाभकारी साबित हो सकता है।

निष्कर्ष

Warehouse Infrastructure Fund भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह योजना किसानों को केवल स्टोरेज सुविधा ही नहीं देती बल्कि उन्हें बेहतर बाजार, अधिक मुनाफा और फसल सुरक्षा भी उपलब्ध कराती है। आने वाले समय में अगर गांव स्तर पर आधुनिक वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क मजबूत होता है तो किसानों की आय बढ़ाने में यह योजना बड़ी भूमिका निभा सकती है।

Tags: AgricultureInfrastructureFPONABARDWarehouse Infrastructure Fund
Previous Post

सरकार का बड़ा प्लान, यूरिया के अत्यधिक उपयोग पर लगेगी लगाम

Next Post

UP Bakrid News: यूपी में बकरीद पर हाई अलर्ट: सड़क पर नमाज और खुले में कुर्बानी पर रोक

Next Post
UP Bakrid News

UP Bakrid News: यूपी में बकरीद पर हाई अलर्ट: सड़क पर नमाज और खुले में कुर्बानी पर रोक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • ईरान-अमेरिका तनाव के बीच टूटा सोने का भाव, दिल्ली में गोल्ड की कीमतों में बड़ी गिरावट
  • UP Bakrid News: यूपी में बकरीद पर हाई अलर्ट: सड़क पर नमाज और खुले में कुर्बानी पर रोक
  • Warehouse Infrastructure Fund से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें कैसे करें आवेदन
  • सरकार का बड़ा प्लान, यूरिया के अत्यधिक उपयोग पर लगेगी लगाम
  • खरीफ सीजन से पहले यूरिया संकट पर तेलंगाना सरकार का केंद्र पर हमला

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.