• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

बिहार में संतुलित खाद उपयोग और मिट्टी की सेहत सुधारने पर फोकस

आज के समय में रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित और अत्यधिक उपयोग खेती और पर्यावरण दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कई क्षेत्रों में किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया और अन्य रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐ

Vipin Mishra by Vipin Mishra
June 1, 2026
in कृषि समाचार
0
बिहार में संतुलित खाद उपयोग और मिट्टी की सेहत सुधारने पर फोकस
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

पटना: बिहार सरकार राज्य में संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महीने तक चलने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत करने जा रही है। यह अभियान 1 जून से 30 जून तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा और इसकी औपचारिक शुरुआत सोमवार को पटना स्थित कृषि भवन से की जाएगी। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा इस विशेष अभियान का शुभारंभ करेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार यह अभियान केंद्र सरकार की उस राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है जिसका उद्देश्य किसानों को मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपनी जमीन की पोषक तत्व स्थिति को समझकर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकें।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज के समय में रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित और अत्यधिक उपयोग खेती और पर्यावरण दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कई क्षेत्रों में किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया और अन्य रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में किसानों को जागरूक करना और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी देना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ तीन प्रमुख उद्देश्यों पर केंद्रित रहेगा। पहला, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना। दूसरा, फसलों की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग सुनिश्चित करना। और तीसरा, कृषि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर वैज्ञानिक एवं टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देना। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल मिट्टी की सेहत में सुधार होगा बल्कि किसानों की उत्पादन लागत भी कम होगी और फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि विकास और टिकाऊ खेती के विजन तथा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दीर्घकालिक सोच से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि राज्य कृषि विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत स्तर तक व्यापक तैयारी की है। विभाग के अधिकारी, कृषि समन्वयक और विस्तार कर्मी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे।

मंत्री ने इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसान संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाते हैं तो इससे खेती की लागत घटेगी, मिट्टी की उत्पादकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, मुखियाओं और पंचायत प्रतिनिधियों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की।

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए राज्य के सभी जिलों में विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के विशेषज्ञ, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ तथा राज्य कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। ये टीमें विभिन्न जिलों और प्रखंडों में जाकर किसानों से सीधे संवाद करेंगी।

विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग औसत से अधिक पाया गया है। विशेषज्ञ किसानों को बताएंगे कि अत्यधिक उर्वरक उपयोग से मिट्टी की संरचना, जैविक गतिविधियों और उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि संतुलित पोषण प्रबंधन के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

अभियान के दौरान किसानों को मिट्टी परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जैविक खादों के उपयोग, सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व और फसलवार उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न गांवों में प्रशिक्षण शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और किसान गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। कृषि विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान वैज्ञानिक खेती के सिद्धांतों को अपनाएं और मिट्टी की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखें।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते रासायनिक उर्वरक उपयोग के कारण कई क्षेत्रों में मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई है। ऐसे में ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों को टिकाऊ खेती की दिशा में प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि यह अभियान सफल रहता है तो राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

बिहार सरकार को उम्मीद है कि इस महीने भर चलने वाले अभियान के माध्यम से लाखों किसानों तक संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक खेती का संदेश पहुंचेगा, जिससे कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

 

Tags: Agri Campaignagri newsAgricultural DevelopmentAgricultural ExtensionAgricultural PracticesAgriculture Department Biharagriculture newsBalanced FertilizationBihar AgricultureBihar FarmersBihar Newschemical fertilizersCrop ManagementCrop NutritionFarm Educationfarm productivityFarmer Newsfarming news IndiaFertilizer Awareness Campaignfertilizer managementICARIndian AgricultureKharif SeasonKVKNutrient ManagementOrganic FarmingRural DevelopmentSoil ConservationSoil FertilitySoil HealthSoil Health CardSoil TestingSustainable AgricultureSustainable Farmingउर्वरक प्रबंधनकिसान समाचारकृषि विज्ञान केंद्रकृषि समाचारखेत बचाओ अभियानटिकाऊ खेतीबिहार कृषि विभागमिट्टी की सेहतमृदा स्वास्थ्य कार्डयूरिया उपयोगरासायनिक खादविजय कुमार सिन्हावैज्ञानिक खेतीसंतुलित उर्वरक उपयोग
Previous Post

फर्टिलाइजर की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, 26 दुकानों को नोटिस; किसानों से शिकायत करने की अपील

Next Post

Agriculture Scheme: किसानों को मुफ्त और सब्सिडी पर मिलेंगे मूंग, उड़द, अरहर समेत कई फसलों के बीज, ऐसे उठाएं योजना का लाभ

Next Post
Agriculture Scheme

Agriculture Scheme: किसानों को मुफ्त और सब्सिडी पर मिलेंगे मूंग, उड़द, अरहर समेत कई फसलों के बीज, ऐसे उठाएं योजना का लाभ

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Rosemary Plant: फायदे, उपयोग और पूरी गाइड
  • Strawberry Disease सावधान! स्ट्रॉबेरी में फैली नई घातक बीमारी, फसल बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी
  • Makka Ki Kheti में सफलता के 10 आसान और असरदार उपाय
  • उर्वरक विभाग ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडार होने की बात दोहराई
  • Agriculture Scheme: किसानों को मुफ्त और सब्सिडी पर मिलेंगे मूंग, उड़द, अरहर समेत कई फसलों के बीज, ऐसे उठाएं योजना का लाभ

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.