खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संतकबीरनगर जिले में कृषि विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में खाद एवं बीज विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कई दुकानों की जांच की गई और संदिग्ध बीजों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए।
कृषि विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को नकली अथवा घटिया गुणवत्ता वाले बीजों से बचाना और कृषि उत्पादन को प्रभावित करने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है। विभाग का कहना है कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित खाद एवं बीज विक्रेताओं की करीब 20 दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस, बिक्री अभिलेख तथा बीजों की गुणवत्ता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। कई दुकानों पर उपलब्ध बीजों को संदिग्ध मानते हुए उनके नमूने लिए गए।
अभियान के दौरान कुल 26 बीज नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित बीज निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई बार कुछ विक्रेता किसानों को आकर्षक दावों के साथ ऐसे बीज बेच देते हैं जिनकी गुणवत्ता प्रमाणित नहीं होती। ऐसे बीजों के उपयोग से किसानों की फसल प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानदार अपनी दुकानों को बंद कर मौके से चले गए। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच से बचने का प्रयास करने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाजार में उपलब्ध बीजों और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। यदि किसी विक्रेता द्वारा नकली, अमानक या बिना अनुमति के बीजों की बिक्री की जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही बीज खरीदें। बीज खरीदते समय पैकेट पर अंकित जानकारी, बैच नंबर, उत्पादन एवं वैधता तिथि की जांच अवश्य करें तथा खरीद की रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज ही अच्छी फसल उत्पादन की नींव होते हैं। यदि किसान प्रमाणित बीजों का उपयोग करते हैं तो फसल की उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ रोगों और प्रतिकूल परिस्थितियों से मुकाबला करने की क्षमता भी बेहतर होती है। इसके विपरीत घटिया या नकली बीज किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कृषि विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को केवल गुणवत्ता युक्त बीज और कृषि सामग्री ही उपलब्ध हो।
प्रशासन की इस कार्रवाई को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध हो सकेंगे।

