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Home कृषि समाचार

बिहार में आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, धान की सीधी बुवाई और नई तकनीकों को गांव-गांव पहुंचाएगा कृषि विभाग

Modern farming will be promoted in Bihar, the Agriculture Department will take direct sowing of paddy ....

Emran Khan by Emran Khan
June 8, 2026
in कृषि समाचार
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बिहार में आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, धान की सीधी बुवाई और नई तकनीकों को गांव-गांव पहुंचाएगा कृषि विभाग
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बिहार में कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक कृषि जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। कृषि विभाग किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, नई कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। अभियान के तहत जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक पहुंच बनाकर किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कृषि विभाग की योजनाओं और आधुनिक तकनीकों का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। सरकार का उद्देश्य किसानों की उत्पादन लागत कम करना, फसल उत्पादकता बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।

धान की सीधी बुवाई पर रहेगा विशेष फोकस

इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू धान की सीधी बुवाई (डायरेक्ट सीडेड राइस) को बढ़ावा देना है। वर्तमान में अधिकांश किसान पारंपरिक तरीके से धान की नर्सरी तैयार कर रोपाई करते हैं, जिसमें अधिक श्रम, पानी और समय की आवश्यकता होती है।

कृषि विभाग का मानना है कि सीड ड्रिल मशीन के माध्यम से धान की सीधी बुवाई करने से किसानों की लागत में कमी आएगी और पानी की भी बचत होगी। इसके साथ ही श्रमिकों पर निर्भरता कम होगी तथा समय पर बुवाई संभव हो सकेगी।

धान की सीधी बुवाई को लेकर जिला मुख्यालयों में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

आधुनिक खेती की तकनीकों की दी जाएगी जानकारी

अभियान के दौरान किसानों को केवल धान की खेती तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि विभिन्न आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी। विभाग द्वारा मक्का, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न, दलहन, प्याज तथा अन्य लाभकारी फसलों की उन्नत खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके अलावा प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे विषय भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के बीच किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता बन गया है।

किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण और अनुदानित बीज

कृषि विभाग ने 10 जून से 25 जून तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत चयनित किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुदानित दरों पर बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को संकर धान, संकर मक्का, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न, अरहर और मोटे अनाजों के प्रमाणित बीज वितरित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है।

अधिकारियों का कहना है कि उन्नत और प्रमाणित बीजों का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मोटे अनाज और पोषण सुरक्षा पर जोर

राज्य सरकार मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास कर रही है। अभियान के दौरान रागी, सांवा, रामदाना और अन्य पोषक अनाजों की खेती के लाभ किसानों को बताए जाएंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार मोटे अनाज कम पानी में भी अच्छी पैदावार देते हैं और जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों में अधिक टिकाऊ साबित होते हैं। साथ ही इनका पोषण मूल्य भी अधिक होता है।

सरकार का मानना है कि मोटे अनाजों की खेती बढ़ने से किसानों की आय में विविधता आएगी और पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

पंचायत स्तर तक पहुंचेगा कृषि अभियान

कृषि विभाग ने अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। 25 जून से 20 जुलाई तक विभिन्न पंचायतों में कृषि जन कल्याण चौपाल आयोजित की जाएगी।

इन चौपालों में किसानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, जैविक खेती, समय पर बुवाई और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने से किसानों की समस्याओं को समझने और समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

गांव-गांव जाएंगे कृषि वैज्ञानिक

कृषि विभाग ने कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों और कृषि वैज्ञानिकों की टीमों को भी सक्रिय करने का निर्णय लिया है। ये टीमें गांवों में जाकर किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगी।

खेतों पर प्रदर्शन, प्रशिक्षण शिविर और कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों का उपयोग सिखाया जाएगा। विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां अब भी पारंपरिक खेती के तरीके अधिक प्रचलित हैं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग सीमित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और खेत स्तर पर प्रदर्शन किसानों के बीच नई तकनीकों को अपनाने में अधिक प्रभावी साबित होते हैं।

कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की तैयारी

बदलते मौसम, जल संकट और बढ़ती उत्पादन लागत जैसी चुनौतियों के बीच बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम कर रही है। विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।

सरकार को उम्मीद है कि यह व्यापक जागरूकता अभियान किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही खेती को अधिक लाभकारी, प्रतिस्पर्धी और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकेगा।

 

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