केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सोमवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मुलाकात की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, ग्रामीण रोजगार, सड़क संपर्क और किसानों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए 1700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी देकर राज्य के विकास को नई गति देने का निर्णय लिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
मनरेगा के तहत 153 लाख मानव-दिवस श्रम बजट स्वीकृत
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जून 2026 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत पश्चिम बंगाल को 153 लाख मानव-दिवस का श्रम बजट स्वीकृत किया है। यह मंजूरी राज्य सरकार के अनुरोध और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए की गई तैयारियों को ध्यान में रखते हुए दी गई है।
इस निर्णय से राज्य में बड़ी संख्या में विकास कार्य शुरू किए जा सकेंगे तथा ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही पात्र श्रमिकों को समय पर मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
1 जुलाई से लागू होगा नया ग्रामीण आजीविका मिशन
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 1 जुलाई 2026 से “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 लागू किया जाएगा। यह नया ढांचा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
सड़क और पुल निर्माण पर खर्च होंगे 1,013 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में अब तक 7,769 सड़कें और 61 पुल स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY-IV के प्रथम चरण में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की 432 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। लगभग 760 किलोमीटर लंबी इन सड़कों पर 663.09 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 535 ऐसे गांव और बस्तियां पहली बार सड़क संपर्क से जुड़ सकेंगी जो अब तक इससे वंचित थीं।
इसके अलावा PMGSY-IV के दूसरे चरण में छह पुलों के निर्माण के लिए 49.24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 14 और बस्तियों को सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।
वहीं PMGSY-III के तहत 39 पुलों के निर्माण के लिए 300.83 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इस प्रकार नई सड़क और पुल परियोजनाओं पर कुल 1,013.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार और विकास गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
किसानों के लिए फसल बीमा और किसान सम्मान निधि पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पश्चिम बंगाल में पुनः लागू करने पर सहमति बनी। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मर आईडी कार्यक्रम को राज्य में शुरू करने पर भी चर्चा हुई।
केंद्र और राज्य सरकार ने इस बात पर भी सहमति जताई कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए ताकि किसानों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सके।
कृषि क्षेत्र के लिए तैयार होगा विशेष रोडमैप
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य है। केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर कृषि विकास का एक व्यापक रोडमैप तैयार करेगी।
उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बागवानी को बढ़ावा देने तथा जूट, आलू और अन्य प्रमुख फसलों के उत्पादन एवं विपणन को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल को मिली विभिन्न परियोजनाओं और सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पश्चिम बंगाल आने का आमंत्रण भी दिया, ताकि वे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जलागम विकास कार्यक्रम, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण, ‘लखपति दीदी’ योजना तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र में लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों को पश्चिम बंगाल के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में रोजगार, आधारभूत संरचना और कृषि विकास को नई गति मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

