भारत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और कोयले के वैकल्पिक एवं मूल्यवर्धित उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कोयला मंत्रालय एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। मंत्रालय 11 जून 2026 को हैदराबाद में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर एक विशेष रोड शो का आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित सफल रोड शो के बाद अगला बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य उद्योग जगत, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर कोयला गैसीकरण क्षेत्र में निवेश और नवाचार को गति देना है।
मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली में आयोजित पिछले रोड शो को उद्योग जगत से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली थी। विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि भारत में कोयला गैसीकरण को लेकर उद्योग का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में निवेश एवं विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन
हैदराबाद में आयोजित होने वाले इस रोड शो में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री Satish Chandra Dubey विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा कोयला मंत्रालय के सचिव Vikram Dev Dutt, अपर सचिव Sanoj Kumar Jha, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कोयला और लिग्नाइट कंपनियों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
क्या है कोयला गैसीकरण तकनीक?
कोयला गैसीकरण एक उन्नत औद्योगिक तकनीक है, जिसके माध्यम से कोयले को सीधे जलाने के बजाय उसे रासायनिक प्रक्रिया से संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्तित किया जाता है। इस गैस का उपयोग विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सिन्गैस से निम्नलिखित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं:
- मेथनॉल
- अमोनियम नाइट्रेट
- सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (SNG)
- हाइड्रोजन आधारित उत्पाद
- औद्योगिक रसायन
- उर्वरक उद्योग के लिए कच्चा माल
इस तकनीक से कोयले का अधिक प्रभावी और मूल्यवर्धित उपयोग संभव हो पाता है, जिससे ऊर्जा एवं रासायनिक उद्योगों को नई दिशा मिलती है।
ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम
भारत दुनिया के सबसे बड़े कोयला उत्पादक देशों में शामिल है, लेकिन रसायन, गैस और कुछ ऊर्जा उत्पादों के लिए अब भी आयात पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में कोयला गैसीकरण को सरकार एक रणनीतिक समाधान के रूप में देख रही है।
केंद्र सरकार का मानना है कि गैसीकरण तकनीक के व्यापक उपयोग से:
- आयातित ईंधनों और रसायनों पर निर्भरता घटेगी।
- घरेलू कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
- औद्योगिक उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
- रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
इसी उद्देश्य से सरकार ने हाल के वर्षों में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए कई नीतिगत प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की हैं।
निवेशकों और उद्योग जगत के लिए अवसरों का मंच
हैदराबाद रोड शो का मुख्य उद्देश्य कोयला गैसीकरण क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों को उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत करना है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं, तकनीकी समाधानों और संभावित साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
मंत्रालय के अनुसार रोड शो में निम्नलिखित विषयों पर विशेष फोकस रहेगा:
- कोयला गैसीकरण से जुड़ी सरकारी नीतियां
- निवेश और वित्तीय सहायता के अवसर
- आधुनिक गैसीकरण तकनीकें
- परियोजना कार्यान्वयन की रणनीतियां
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP)
- घरेलू एवं वैश्विक तकनीकी सहयोग
यह मंच नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच संवाद को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आत्मनिर्भर भारत मिशन को मिलेगी मजबूती
कोयला मंत्रालय का मानना है कि कोयला गैसीकरण केवल एक तकनीकी पहल नहीं बल्कि भारत को ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गैसीकरण परियोजनाओं के विस्तार से देश में वैकल्पिक ईंधनों और औद्योगिक रसायनों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, जिससे विदेशी आयात पर होने वाला खर्च कम किया जा सकेगा।
इसके साथ ही यह पहल संसाधनों के अधिक टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास को गति देने में भी मददगार साबित होगी।
रणनीतिक साझेदारियों पर रहेगा जोर
मंत्रालय को उम्मीद है कि हैदराबाद रोड शो के माध्यम से विभिन्न सरकारी संस्थानों, निजी कंपनियों, निवेशकों और तकनीकी प्रदाताओं के बीच नई साझेदारियां विकसित होंगी। इससे भविष्य की परियोजनाओं के लिए सहयोग का मजबूत ढांचा तैयार होगा और देश में कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के विकास को नई गति मिलेगी।
हैदराबाद में आयोजित होने वाला यह रोड शो भारत के ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देकर सरकार ऊर्जा सुरक्षा, आयात में कमी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और औद्योगिक विकास के अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है। उद्योग जगत और निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए यह आयोजन भारत में कोयला गैसीकरण के लिए एक मजबूत और टिकाऊ इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

