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Home कृषि समाचार

किसानों को बड़ी सौगात: 14 जून को विदिशा में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास करेंगे शिवराज सिंह चौहान

Big gift to farmers: Shivraj Singh Chauhan to lay foundation stone of model agriculture science center in Vidisha on June 14

Emran Khan by Emran Khan
June 11, 2026
in कृषि समाचार
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किसानों को बड़ी सौगात: 14 जून को विदिशा में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास करेंगे शिवराज सिंह चौहान
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किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 14 जून को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ करेंगे। विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू गांव में देश के एक मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का शिलान्यास किया जाएगा, जिसे किसानों के लिए आधुनिक कृषि ज्ञान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में किसानों से इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 14 जून का दिन विदिशा संसदीय क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावनाओं और कृषि विकास का प्रतीक बनेगा।

सुबह 10 बजे शुरू होगा कार्यक्रम

कार्यक्रम का आयोजन 14 जून को सुबह 10 बजे बेरखेड़ी जट्टू में किया जाएगा। इस अवसर पर केवल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास ही नहीं होगा, बल्कि विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए तैयार किए गए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप को भी लागू किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रीय कृषि विकास के लिए एक नई रणनीति की शुरुआत होगी, जिसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार अवसरों से जोड़ना है। इसके साथ ही किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने और कृषि उत्पादन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘खेत बचाओ अभियान’ का भी शुभारंभ किया जाएगा।

किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक और आधुनिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञ किसानों को नकली खाद और बीज की पहचान करने, उनसे बचाव के उपाय अपनाने और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों के चयन के बारे में मार्गदर्शन देंगे।

इसके अलावा आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, नई फसल बुआई तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों, जैविक खेती, फसल प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और मौसम आधारित कृषि सलाह जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए केवल पारंपरिक अनुभव पर्याप्त नहीं है। वैज्ञानिक तकनीकों और नवीन कृषि नवाचारों को अपनाकर ही किसान उत्पादन लागत कम कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

आधुनिक कृषि मशीनों का होगा प्रदर्शन

कार्यक्रम में विभिन्न कृषि कंपनियों, कृषि संस्थानों और विशेषज्ञ संगठनों द्वारा आधुनिक कृषि मशीनों और उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। किसानों को इन मशीनों के उपयोग का लाइव डेमो दिखाया जाएगा, जिससे वे नई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।

ड्रोन तकनीक, उन्नत बीज, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, कृषि यंत्रीकरण और डिजिटल कृषि सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को खेती में तकनीक के उपयोग के प्रति जागरूकता मिलेगी और वे अपने खेतों में इन नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

देश के लिए मॉडल बनेगा नया कृषि विज्ञान केंद्र

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र को देश के लिए एक मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र में कृषि अनुसंधान, फसल प्रदर्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि नवाचारों का परीक्षण तथा किसानों के लिए नियमित परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य किसानों को प्रयोगशाला से खेत तक नई तकनीकों का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। यह केंद्र किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा।

चार जिलों के किसानों को होगा सीधा लाभ

इस परियोजना का लाभ केवल विदिशा तक सीमित नहीं रहेगा। रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के किसानों को भी इस केंद्र की सेवाओं का लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान कृषि पर निर्भर हैं और आधुनिक तकनीकों की पहुंच बढ़ने से उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तो वे किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं। इससे किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक समाधान प्राप्त होते हैं और खेती की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकता है।

कृषि आधुनिकीकरण और किसान समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम

मध्य प्रदेश लंबे समय से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही हैं।

विदिशा में स्थापित होने वाला यह मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह केंद्र किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों, वैज्ञानिक सलाह और नवीन कृषि नवाचारों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसान वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। ऐसे में 14 जून को होने वाला यह कार्यक्रम न केवल विदिशा बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

 

Tags: AgricultureFarmingIndia Agri
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