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अधिकारियों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पुलिस जांच के बाद धमकियां ‘फर्जी’ पाई गईं।
जिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली उनमें हनुमंत विहार का गुलमोहर विहार पब्लिक स्कूल, गुजैनी का केडीएमए स्कूल, कौशलपुरी का सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर, सिंहपुर कछार का चिंटल स्कूल, सिविल लाइंस का वीरेंद्र स्वरूप स्कूल, कैंट का केंद्रीय विद्यालय और अर्मापुर का केंद्रीय विद्यालय शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) हरीश चंद्र ने कहा, “ज्यादातर स्कूलों को इस खतरे की सूचना मंगलवार को मिली, क्योंकि रविवार और सोमवार को स्कूल बंद थे।”
उन्होंने बताया कि पिछले 72 घंटों में पांच निजी स्कूलों और दो सरकारी स्कूलों को एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
अधिकारी ने दावा किया कि प्रारंभिक जांच के बाद यह पाया गया कि धमकियां अफवाह थीं। एसीपी ने कहा, “साइबर अपराध अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है और प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।”
दिल्ली, नोएडा, जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद समेत अन्य शहरों के बाद पिछले दो हफ्तों में जिन शहरों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं, उनमें कानपुर भी शामिल हो गया है।
यह सब 1 मई को शुरू हुआ जब दिल्ली के लगभग 100 स्कूलों, नोएडा के दो और लखनऊ के एक स्कूल को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिससे बड़े पैमाने पर स्कूल खाली करने पड़े।
अगले सप्ताह, अहमदाबाद के कई स्कूलों को शैक्षणिक संस्थानों को उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले।
अभी तीन दिन पहले, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) और 10 से अधिक अस्पतालों को ईमेल के माध्यम से इसी तरह बम की धमकी मिली थी।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि धमकी एक अफवाह है और ईमेल भेजने वाले शरारती तत्वों की तलाश जारी है।
§उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो सरकारी स्कूलों समेत कम से कम सात स्कूलों को मंगलवार को मेल पर बम से उड़ाने की धमकी मिली।

