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इससे आईएनएस विक्रांत से पहले रूस से 2013 में आईएनएस विक्रमादित्य मंगवाया गया था. दोनों फिलहाल नौसेना की सेवा में लगे हैं. पिछले साल जनवरी में संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत बताई थी. लेकिन भारत का मकसद है चीन की बराबरी में एयरक्राफ्ट कैरियर खड़े करना. ताकि टक्कर दी जा सके।
§रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि बहुत जल्दी तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर को बनाने का काम शुरू होने वाला है. यह पूरी तरह से स्वदेशी होगा. यह विक्रांत क्लास का दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर होगा. इसे बनने मे कम समय लगेगा. एयरक्राफ्ट कैरियर का डिस्प्लेसमेंट 45 हजार टन होगा. यह अपने ऊपर 28 फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर तैनात कर सकेगा.

