रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (डीसीपीसी) ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में स्थित अपने विभिन्न संस्थानों, संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
देशव्यापी स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और संपूर्ण विश्व के लिए एक अमूल्य उपहार के रूप में रेखांकित किया गया।
सचिव तेजवीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभागीय गतिविधियों का नेतृत्व रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के सचिव श्री तेजवीर सिंह ने किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने वाली समग्र जीवनशैली बताया।
मुख्य कार्यक्रम गुरुग्राम स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पेस्टिसाइड फॉर्मूलेशन टेक्नोलॉजी (आईपीएफटी) में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लिया। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।
कार्यक्रम में सचिव श्री तेजवीर सिंह तथा विभाग की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार सुश्री दिव्या परमार ने वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
योग स्वस्थ जीवन और कार्यक्षमता का आधार
अपने संदेश में सचिव श्री तेजवीर सिंह ने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और भावनात्मक मजबूती के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है।
उन्होंने कर्मचारियों से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ कर्मचारी ही किसी संस्थान की वास्तविक ताकत होते हैं। योग के माध्यम से कार्यस्थल पर उत्पादकता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने तथा सकारात्मक कार्य वातावरण विकसित करने में सहायता मिलती है।
वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार सुश्री दिव्या परमार ने भी योग को समग्र स्वास्थ्य का आधार बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास संभव होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सीआईपीईटी के सभी परिसरों में हुआ सामूहिक योगाभ्यास
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के अधीन कार्यरत सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी) ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया। चेन्नई स्थित मुख्यालय सहित देशभर में फैले इसके विभिन्न क्षेत्रीय परिसरों में योग सत्र आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने योग के नियमित अभ्यास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और इसे स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
एचओसीएल ने कोच्चि सहित विभिन्न इकाइयों में किए आयोजन
हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स लिमिटेड (एचओसीएल) ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनी कोच्चि इकाई तथा अन्य शाखा कार्यालयों में विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए योग के महत्व को समझा और नियमित अभ्यास का संकल्प लिया।
कार्यक्रमों के दौरान योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग तकनीकों के बारे में जानकारी दी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्मचारियों ने माना कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और कार्य क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एचआईएल मुख्यालय में भी दिखा योग के प्रति उत्साह
नई दिल्ली स्थित एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड के मुख्यालय में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया तथा योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रतिभागियों ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का निरंतर प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को योग के दीर्घकालिक लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्वस्थ भारत के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग भारत की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आज दुनिया के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य और कल्याण के प्रभावी साधन के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग तथा उसके अधीनस्थ संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि योग को बढ़ावा देना केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
इन समन्वित प्रयासों के माध्यम से डीसीपीसी परिवार ने एक बार फिर स्वस्थ मन, मजबूत शरीर और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराया। विभाग का मानना है कि योग का नियमित अभ्यास न केवल व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि कार्यस्थल और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। इसी संदेश के साथ देशभर में विभागीय संस्थानों ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफलतापूर्वक मनाया।

