भारत की वैश्विक आर्थिक कूटनीति को नई गति देते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ब्रिटेन की सफल यात्रा के बाद उच्च स्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ ग्रीस की राजधानी एथेंस पहुंचे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान करना है। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की वैश्विक व्यापारिक रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ग्रीस के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग यूरोप के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा। साथ ही, इससे भारतीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।
ब्रिटेन दौरे के बाद ग्रीस पर केंद्रित भारत की आर्थिक कूटनीति
ग्रीस रवाना होने से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में आयोजित भारत-ब्रिटेन: प्रगति में भागीदार व्यापार सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन में भारत और यूनाइटेड किंगडम के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) का समर्थन किया।
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि सीईटीए दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को नई दिशा देगा। ब्रिटेन में सकारात्मक वार्ताओं के बाद अब ग्रीस के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भारत ने अगला महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
भारत-ग्रीस स्टार्टअप साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
ग्रीस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण एथेंस स्टार्टअप बिजनेस इनक्यूबेटर (THEA) में आयोजित कार्यक्रम होगा। यहां भारतीय और ग्रीक स्टार्टअप्स अपनी तकनीक, नवाचार और व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
स्टार्टअप पिच कार्यक्रम के माध्यम से दोनों देशों के उद्यमियों को एक-दूसरे के साथ सहयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, कृषि तकनीक (AgriTech), हेल्थ टेक, क्लीन एनर्जी, डिजिटल सेवाओं और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं बढ़ेंगी।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप नेटवर्क में शामिल है। वहीं ग्रीस भी तकनीक आधारित नवाचार और यूरोपीय बाजारों तक पहुंच के कारण तेजी से उभरता हुआ स्टार्टअप केंद्र बन रहा है। ऐसे में दोनों देशों का सहयोग वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस
ग्रीस यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल एथेंस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ACCI) में भारतीय और ग्रीक उद्योगपतियों के साथ उच्च स्तरीय गोलमेज बैठक करेगा।
बैठक में कई प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं—
- बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
- डिजिटल अर्थव्यवस्था
- रक्षा उद्योग
- खाद्य प्रसंस्करण
- कृषि एवं एग्री-बिजनेस
- विनिर्माण क्षेत्र
- नई तकनीक और नवाचार
- लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन
इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने और निजी कंपनियों के बीच सहयोग स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
भारतीय उद्योगों के लिए खुलेंगे नए अवसर
ग्रीस यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में भारत के लिए ग्रीस केवल एक व्यापारिक साझेदार ही नहीं बल्कि यूरोपीय बाजारों तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी बन सकता है।
भारतीय कंपनियों को ग्रीस के माध्यम से यूरोपीय संघ के बाजारों में अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। वहीं ग्रीक कंपनियां भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार और तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठा सकेंगी।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक पर विशेष जोर
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीस की प्रमुख कंपनियों का दौरा भी करेगा। इन दौरों के दौरान एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, स्मार्ट इंडस्ट्री, डिजिटल टेक्नोलॉजी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा उच्च तकनीक आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
इससे दोनों देशों के बीच औद्योगिक साझेदारी मजबूत होने के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।
कृषि और खाद्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
भारत और ग्रीस दोनों ही कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस यात्रा के दौरान कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, एग्री-टेक, जैविक खेती, खाद्य निर्यात और कृषि मूल्य श्रृंखला (Value Chain) पर भी चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कृषि उत्पादों, मसालों, जैविक खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड के लिए ग्रीस तथा अन्य यूरोपीय देशों में बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकता है।
इसके अलावा कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, स्मार्ट फार्मिंग और कृषि मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में भारत की रणनीति
भारत लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक स्तर पर सक्रिय आर्थिक कूटनीति अपना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने व्यापार सुगमता, डिजिटल अवसंरचना, विनिर्माण प्रोत्साहन और स्टार्टअप नीति के माध्यम से निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
पीयूष गोयल की यह यात्रा इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
भारत-ग्रीस संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
ग्रीस दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल विभिन्न उद्योग संगठनों, निवेशकों और संस्थागत हितधारकों के साथ भी बैठक करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य व्यापारिक साझेदारी को गहरा करना, नए निवेश अवसर तलाशना और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का रोडमैप तैयार करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक, नवाचार, शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप, विनिर्माण और कृषि जैसे अनेक क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देगी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का ग्रीस दौरा भारत की वैश्विक आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रिटेन में सफल व्यापारिक वार्ताओं के बाद ग्रीस के साथ व्यापार, निवेश, स्टार्टअप और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की पहल भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका को दर्शाती है। यदि इस दौरे के दौरान प्रस्तावित सहयोग योजनाएं सफलतापूर्वक आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और नवाचार साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।
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