पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने विश्वविद्यालय परिसर, घटक कॉलेजों और आउटस्टेशन संस्थानों में 12 से 18 अगस्त 2026 तक एंटी-रैगिंग डे और एंटी-रैगिंग वीक का आयोजन किया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस सप्ताहभर के अभियान का उद्देश्य छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणामों, कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई और मानसिक प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
इस दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने एक सुरक्षित, सम्मानजनक, समावेशी और रैगिंग-मुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। खासतौर पर नए दाखिला लेने वाले छात्रों को रैगिंग के खिलाफ जागरूक करने और वरिष्ठ व जूनियर छात्रों के बीच स्वस्थ एवं मित्रतापूर्ण संबंध विकसित करने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
PAU ने बताया कि एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान ही नहीं बल्कि इससे पहले के सप्ताहों में भी विश्वविद्यालय में रैगिंग की एक भी घटना सामने नहीं आई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे निरंतर निगरानी, छात्र जागरूकता, काउंसलिंग और विभिन्न निवारक उपायों का परिणाम बताया।
नए और वरिष्ठ छात्रों को दी गई विशेष काउंसलिंग
एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान विश्वविद्यालय स्तर पर नए स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ वरिष्ठ छात्रों को भी काउंसलिंग दी गई।
छात्रों को स्वस्थ Senior-Junior Relationship बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि, व्यवहार या मानसिक दबाव को रैगिंग की श्रेणी में रखा जा सकता है, जिससे नए छात्रों की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल रैगिंग पर प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि ऐसा कैंपस वातावरण तैयार करना है, जहां हर नया छात्र सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस करे।
पूरे परिसर में लगाए गए एंटी-रैगिंग पोस्टर और बैनर
PAU ने जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए परिसर के प्रमुख स्थानों पर एंटी-रैगिंग संदेशों वाले पोस्टर, बैनर और फ्लेक्स लगाए।
ये जागरूकता सामग्री शैक्षणिक भवनों, विभागों, लेक्चर रूम कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी, कैंटीन, प्रवेश द्वारों, हॉस्टलों और अन्य सामान्य स्थानों पर प्रदर्शित की गई।
इसका उद्देश्य छात्रों को लगातार यह संदेश देना था कि विश्वविद्यालय रैगिंग के खिलाफ Zero-Tolerance Policy अपनाता है।
Anti-Ragging Squads ने किए नियमित और अचानक निरीक्षण
विश्वविद्यालय की Anti-Ragging Squads और Flying Squads ने सप्ताहभर नियमित और औचक निरीक्षण किए।
इन टीमों ने—
- कक्षाओं
- प्रयोगशालाओं
- लेक्चर हॉल
- हॉस्टलों
- मेस
- कैंटीन
- शैक्षणिक परिसरों
का दौरा किया और छात्रों से सीधे बातचीत कर रैगिंग के खिलाफ जागरूकता को मजबूत किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, नियमित निगरानी के साथ-साथ Surprise Visits ने छात्रों के बीच सतर्कता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
12 अगस्त को मनाया गया National Anti-Ragging Day
12 अगस्त को National Anti-Ragging Day के अवसर पर PAU में जागरूकता व्याख्यान और विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए।
डॉ. पी.के. किंगरा के मार्गदर्शन में डॉ. मनमीत कौर ने छात्रों को रैगिंग के विभिन्न रूपों और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान प्रोफेशनल साइकोलॉजिस्ट डॉ. स्वीन सैनी ने Stress Management, Emotional Intelligence and Positive Thinking विषय पर ऑनलाइन सत्र आयोजित किया।
कृषि पत्रकारिता, भाषाएं एवं संस्कृति विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमेधा भंडारी ने रैगिंग के प्रकारों और कारणों पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्रों को आत्मसम्मान और मानसिक दृढ़ता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, डॉ. एल.एम. कथूरिया ने कैंपस में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में वरिष्ठ छात्रों की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. रखप्रीत कौर वालिया ने दिया।
छात्राओं अंशुल शर्मा और मिताली ने भी वरिष्ठ और जूनियर छात्रों के बीच मित्रता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने के विषय पर अपने विचार साझा किए।
दिन का समापन Silent Rally, नारे लगाने और पूरे PAU परिसर को रैगिंग-मुक्त बनाए रखने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
13 अगस्त को Slogan Writing Competition और Pledge Drive
एंटी-रैगिंग सप्ताह के दूसरे दिन छात्रों के लिए Slogan Writing Competition आयोजित की गई।
इसके साथ ही Say No to Ragging Pledge Drive का आयोजन किया गया। छात्रों ने विचार, शब्द और व्यवहार—तीनों स्तरों पर रैगिंग से दूर रहने की शपथ ली।
छात्रों ने भाईचारे, मानवीय गरिमा और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया।
इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को केवल नियमों की जानकारी देना नहीं बल्कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से रैगिंग के खिलाफ जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करना था।
14 अगस्त को करीब 300 छात्रों ने निकाली जागरूकता रैली
14 अगस्त को PAU में बड़े स्तर पर एंटी-रैगिंग जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 300 छात्रों ने भाग लिया।
इस दौरान Poster Competition, Slogan Competition, Declamation Contest और Quiz Competition भी आयोजित की गई।
PAL Auditorium में आयोजित कार्यक्रम का समन्वय डॉ. हरलीन कौर ने किया।
छात्रों ने पोस्टर और नारों के माध्यम से रैगिंग के खिलाफ मजबूत संदेश दिया और सुरक्षित एवं सम्मानजनक कैंपस की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
UGC Anti-Ragging Mobile App और Helpline की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय ने एक Anti-Ragging Help Desk भी स्थापित किया।
इस Help Desk के माध्यम से छात्रों को UGC Anti-Ragging Mobile App और उपलब्ध Helpline Services के बारे में जानकारी दी गई।
छात्रों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की रैगिंग का सामना करना पड़े या ऐसी किसी घटना की जानकारी मिले तो वे उचित माध्यमों से इसकी शिकायत कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों को सहायता और शिकायत के उपलब्ध विकल्पों की स्पष्ट जानकारी हो।
Senior छात्रों को बनाया गया Freshers का Mentor
16 और 17 अगस्त को PAU ने Student Mentorship और Buddy Programme शुरू किया।
इस कार्यक्रम के तहत एक Senior Student को पांच First-Year Students का Mentor बनाया गया।
इन वरिष्ठ छात्रों की जिम्मेदारी नए विद्यार्थियों को अकादमिक गतिविधियों, विश्वविद्यालय की सुविधाओं, अनुशासन और कैंपस लाइफ के बारे में मार्गदर्शन देना थी।
Mentor के रूप में चहतप्रीत कौर, एकमदीप सिंह, हरिंदर सिंह, हेवनदीप सिंह, जशनप्रीत कौर, अर्शदीप सिंह, वीर कमल, सुखमन कौर थिंद, कोमल चौधरी, कंवलप्रीत सिंह, रविंदर सिंह और प्रभजोत कौर सहित कई वरिष्ठ छात्रों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से नए छात्रों के लिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि कॉलेज और विश्वविद्यालय जीवन की शुरुआत में एक भरोसेमंद Senior Mentor नए छात्रों को परिसर में बेहतर ढंग से घुलने-मिलने में मदद कर सकता है।
Advisory Classes में दिखाई गईं Anti-Ragging Videos
विश्वविद्यालय में Advisory Classes भी आयोजित की गईं।
इन कक्षाओं के दौरान छात्रों को Anti-Ragging Awareness Videos दिखाई गईं और रैगिंग के सामाजिक, कानूनी, अनुशासनात्मक और मनोवैज्ञानिक परिणामों के बारे में बताया गया।
छात्रों को यह संदेश दिया गया कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
साथ ही Senior Students को Junior Students के लिए Mentor, Friend और Support System की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
18 अगस्त को Awareness March और शपथ समारोह के साथ हुआ समापन
एंटी-रैगिंग सप्ताह का समापन 18 अगस्त को Awareness March और Oath-Taking Ceremonies के साथ हुआ।
इस अवसर पर KVK गुरदासपुर की डॉ. सतविंदरजीत कौर, जो IOA गुरदासपुर की Acting Convener भी हैं, ने समापन व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के अंत में Anti-Ragging Committee की सदस्य और UG Girls Hostel की Warden डॉ. प्रिया कत्याल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
सप्ताहभर आयोजित कार्यक्रमों ने छात्रों को रैगिंग के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ एक सकारात्मक, सुरक्षित और सहयोगात्मक कैंपस संस्कृति बनाने का संदेश दिया।
PAU Vice-Chancellor ने सराहा Zero-Ragging प्रयास
PAU के Vice-Chancellor डॉ. ऋषि पाल सिंह (IAS) ने सभी कॉलेजों और आउटस्टेशन संस्थानों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि एक रैगिंग-मुक्त परिसर किसी भी वास्तविक शैक्षणिक संस्थान की मूल आवश्यकता है।
डॉ. सिंह ने PAU की Zero-Tolerance Approach पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर नया छात्र परिसर में खुद को सुरक्षित, सम्मानित और स्वागत योग्य महसूस करे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण केवल रैगिंग पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के बीच Empathy, Fraternity और Mentorship को बढ़ावा देना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की भी सराहना की।
छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी को सराहा
PAU के Director of Students’ Welfare डॉ. डी.के. सूरी ने छात्रों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता जागरूकता रैलियों से लेकर Buddy Mentoring Programme तक छात्रों की मजबूत भागीदारी में दिखाई दी।
उन्होंने वरिष्ठ छात्रों से अपील की कि वे अपने जूनियर छात्रों के लिए केवल Senior न बनें, बल्कि Mentor और Friend के रूप में भी उनकी मदद करें।
उन्होंने कहा कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि PAU को एक सुरक्षित और छात्र-अनुकूल परिसर बनाए रखा जाए।
Anti-Ragging Committee ने लगातार निगरानी को बताया अहम
PAU की Anti-Ragging Committee के Chairperson डॉ. वी.पी. सेठी ने Anti-Ragging Squads, Flying Squads और Monitoring Teams द्वारा बनाए रखी गई निरंतर निगरानी की सराहना की।
उन्होंने विभिन्न कॉलेजों और आउटस्टेशन संस्थानों के Conveners के नेतृत्व में काम करने वाली टीमों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने Deans, Conveners, Advisors, Wardens और Squad Members का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने Academic Blocks, Hostels, Messes, Canteens और Laboratories में नियमित और Surprise Checks किए।
डॉ. सेठी ने कहा कि निरंतर निगरानी के साथ Student Counselling और Awareness Activities ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कि विश्वविद्यालय में रैगिंग की कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इसी तरह की सतर्कता जारी रखी जाएगी ताकि PAU के हर छात्र को सुरक्षित, अनुशासित और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
PAU में Zero Ragging Incident एक बड़ी उपलब्धि
एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान और उससे पहले के सप्ताहों में PAU में रैगिंग की एक भी घटना का सामने न आना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इसके पीछे केवल नियमों का सख्ती से पालन ही नहीं बल्कि—
- छात्र काउंसलिंग
- जागरूकता कार्यक्रम
- Senior-Junior Mentorship
- Anti-Ragging Squads
- Flying Squads
- Surprise Inspections
- Help Desk
- Awareness Rallies
- Student Competitions
- Collective Pledge
जैसे कई प्रयास शामिल रहे।
PAU ने इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया कि रैगिंग को रोकने के लिए केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए छात्रों के बीच आपसी सम्मान, मित्रता, सहानुभूति और जिम्मेदारी की संस्कृति विकसित करना भी जरूरी है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में आयोजित एंटी-रैगिंग वीक ने जागरूकता, निगरानी और छात्र सहभागिता के माध्यम से रैगिंग-मुक्त कैंपस की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है।
12 से 18 अगस्त 2026 तक आयोजित इस सप्ताहभर के अभियान में रैलियां, विशेषज्ञ व्याख्यान, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं, क्विज, शपथ समारोह, Help Desk और Buddy Mentorship Programme जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विश्वविद्यालय ने एंटी-रैगिंग सप्ताह और उससे पहले के सप्ताहों में भी रैगिंग का एक भी मामला दर्ज नहीं होने की जानकारी दी।
PAU प्रशासन का मानना है कि निरंतर निगरानी, जागरूकता और सकारात्मक Senior-Junior Relationships के माध्यम से ही एक सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण बनाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी रैगिंग के खिलाफ अपनी Zero-Tolerance Policy जारी रखने और हर छात्र के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक तथा सहयोगात्मक परिसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

