तेलंगाना में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। बैठक में दलहन की खरीद, ऑयल पाम की खेती, कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन, बीज व्यवस्था और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य में दलहन की खरीद और ऑयल पाम से जुड़े मुद्दों को केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा। इसके साथ ही राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
किसानों के लिए MSP पर दलहन खरीद का मुद्दा अहम
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि भारत सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तुअर यानी अरहर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करती है।
यह व्यवस्था दलहन उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि MSP पर खरीद से किसानों को अपनी उपज के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसके अलावा अन्य दलहन फसलों की 25 प्रतिशत तक खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी PM-AASHA के तहत की जाती है।
दलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकारी खरीद व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण है। खासतौर पर दालों की घरेलू मांग को देखते हुए उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना भी कृषि नीति का अहम हिस्सा है।
तेलंगाना ने ऑयल पाम के लिए रिसर्च स्टेशन की मांग रखी
बैठक में ऑयल पाम की खेती भी प्रमुख चर्चा का विषय रही। तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने राज्य में ऑयल पाम के लिए एक रिसर्च स्टेशन स्थापित करने का अनुरोध केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा।
ऑयल पाम को लेकर राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए अनुसंधान, तकनीकी जानकारी और उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही तेलंगाना के कृषि मंत्री ने ऑयल पाम के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने का विषय भी केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष रखा।
ऑयल पाम से जुड़े किसानों के लिए मूल्य, उत्पादन तकनीक, अनुसंधान और बाजार व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में राज्य में अनुसंधान केंद्र की मांग को कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक अहम प्रस्ताव के रूप में देखा जा सकता है।
दलहन और ऑयलसीड मिशन में तेजी लाने की अपील
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेलंगाना सरकार से दलहन मिशन और ऑयलसीड मिशन के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया।
केंद्र सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र में विभिन्न मिशनों और योजनाओं के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। तेलंगाना में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य को उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तेलंगाना को 100 प्रतिशत राशि जारी की जा चुकी है। वहीं कृषोन्नति योजना (KY) के तहत राज्य को 329 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
अब इन योजनाओं के तहत उपलब्ध संसाधनों का तेजी से और प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है, ताकि इसका लाभ सीधे कृषि क्षेत्र और किसानों तक पहुंच सके।
बीजों की पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल करेगा SATHI Portal
बैठक में बीज क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री ने तेलंगाना के कृषि मंत्री से राज्य में SATHI Portal के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
SATHI Portal बीजों के पूरे जीवन चक्र को एकीकृत करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणन, लाइसेंसिंग, बीज इन्वेंट्री और प्रमाणित विक्रेताओं के जरिए किसानों तक बीज की बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल और स्वचालित किया जाता है।
इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू बीजों की ट्रेसबिलिटी भी है। यानी बीज की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने में मदद मिलती है। इससे बीज की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में सहायता मिल सकती है।
किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज उपलब्ध होना उत्पादन की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में बीज क्षेत्र में डिजिटल निगरानी और ट्रेसबिलिटी की व्यवस्था किसानों के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच कृषि क्षेत्र से जुड़े मामलों में समन्वय को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने किसानों के हित में केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी और तेज क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।
कृषि क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का प्रभाव जमीन पर तभी दिखाई देता है, जब योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन हो और किसानों तक उसका लाभ पहुंचे। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में योजनाओं के कार्यान्वयन की गति बढ़ाने और बेहतर समन्वय की आवश्यकता सामने आई।
दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत
भारत में खाद्य तेल और दालों की मांग को देखते हुए दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। तेलंगाना जैसे कृषि प्रधान राज्य में किसानों को बेहतर तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, बाजार और योजनाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराना इस दिशा में अहम हो सकता है।
दलहन की सरकारी खरीद, तिलहन मिशन और ऑयल पाम जैसी फसलों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच हुई चर्चा से कृषि विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल सकता है। किसानों के लिए फसल विकल्प बढ़ने से पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम करने और कृषि आय के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता
बैठक का एक महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय और संस्थागत सहायता का प्रभावी इस्तेमाल राज्य स्तर पर किया जाए।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पूरी राशि जारी होने और कृषोन्नति योजना के तहत 329 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाने के बाद अब इन संसाधनों का बेहतर उपयोग महत्वपूर्ण होगा। वहीं SATHI Portal के क्रियान्वयन से बीज क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम आगे बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव के बीच हुई बैठक में दलहन खरीद, MSP, ऑयल पाम, दलहन एवं तिलहन मिशन, कृषि योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता और बीजों की डिजिटल ट्रेसबिलिटी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बैठक से यह संकेत मिलता है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल के जरिए तेलंगाना के किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

