֍:कंगना के बयान पर भटके किसान §ֆ:संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- आश्चर्य की बात नहीं है कि यह सांसद इस तरह के बयान दे रही है, क्योंकि दिल्ली की सीमाओं पर एसकेएम के नेतृत्व में किसानों के ऐतिहासिक कॉर्पोरेट विरोधी आंदोलन का अपमान करना और उसे बदनाम करना भाजपा की लंबे समय से चली आ रही नीति रही है. एसकेएम ने इस अपमान और उकसावे के बावजूद हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानूनों और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ किसानों का विरोध शांतिपूर्ण और संविधान में निहित मौलिक अधिकारों के अनुरूप रहे.
§֍:मांफी मांगे कंगना रनौत: SKM §ֆ:साथ ही एसकेएम ने भाजपा सांसद कंगना रनौत को अपने अनुचित और गलत बयानों के लिए भारत के किसानों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी है. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि कंगना के ऐसा न करने पर हमारे पास उनके सार्वजनिक बहिष्कार का आह्वान करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. बता दें कि मंडी सांसद ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, ‘किसानों के विरोध प्रदर्शन के नाम पर बांग्लादेश जैसी अराजकता भारत में भी हो सकती थी. बाहरी ताकतें अंदरूनी लोगों की मदद से हमें नष्ट करने की योजना बना रही हैं. यदि हमारे नेतृत्व ने दूरदर्शिता नहीं दिखायी होती, तो विदेशी ताकतें अपनी योजना में सफल हो गई होतीं. किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काई जा रही थी, वहां बलात्कार और हत्याएं हो रही थीं. हमने शवों को लटकते देखा.’
§अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा एक इंटरव्यू में किसान आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणियों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अपमानजनक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. एसकेएम ने एक बयान में कहा है- यह बेहद दुखद है कि आदतन किसानों का अपमान करने वाली इस सांसद ने अब भारतीय किसानों को हत्यारा, बलात्कारी, साजिशकर्ता और राष्ट्र-विरोधी कहकर सारी हदें पार कर दी हैं.
कंगना रनौत की ये बात सही है….
— Ankit Avasthi Sir ???????? (@ankitavasthi01) August 25, 2024
अगर आप भी इस बात का समर्थन करते हैं तो पोस्ट का पुरज़ोर समर्थन करें…#KanganaRanaut @KanganaTeam pic.twitter.com/d14EdGEa2d
§֍:मांफी मांगे कंगना रनौत: SKM §ֆ:साथ ही एसकेएम ने भाजपा सांसद कंगना रनौत को अपने अनुचित और गलत बयानों के लिए भारत के किसानों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी है. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि कंगना के ऐसा न करने पर हमारे पास उनके सार्वजनिक बहिष्कार का आह्वान करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. बता दें कि मंडी सांसद ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, ‘किसानों के विरोध प्रदर्शन के नाम पर बांग्लादेश जैसी अराजकता भारत में भी हो सकती थी. बाहरी ताकतें अंदरूनी लोगों की मदद से हमें नष्ट करने की योजना बना रही हैं. यदि हमारे नेतृत्व ने दूरदर्शिता नहीं दिखायी होती, तो विदेशी ताकतें अपनी योजना में सफल हो गई होतीं. किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काई जा रही थी, वहां बलात्कार और हत्याएं हो रही थीं. हमने शवों को लटकते देखा.’
§अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा एक इंटरव्यू में किसान आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणियों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अपमानजनक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. एसकेएम ने एक बयान में कहा है- यह बेहद दुखद है कि आदतन किसानों का अपमान करने वाली इस सांसद ने अब भारतीय किसानों को हत्यारा, बलात्कारी, साजिशकर्ता और राष्ट्र-विरोधी कहकर सारी हदें पार कर दी हैं.

