֍:क्या है मिशन का उद्देश्य?§ֆ:एनएमएनएफ का उद्देश्य किसानों को खेती में आने वाली लागत को कम करना और बाहरी संसाधनों पर निर्भरता को कम करना है. प्राकृतिक खेती स्वस्थ मृदा इकोसिस्टम का निर्माण और रखरखाव करेगी, जैव विविधता को बढ़ावा देगी और प्राकृतिक खेती के अनुसार लाभकारी स्थानीय स्थायी खेती के लिए उपयुक्त लचीलापन बढ़ाने के लिए विविध फसल प्रणालियों को प्रोत्साहित करेगी. एनएमएनएफ को वैज्ञानिक रूप से पुनर्जीवित करने और किसान परिवारों और उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता, जलवायु लचीलापन और स्वस्थ भोजन की दिशा में कृषि कार्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक बदलाव के रूप में शुरू किया गया है.§֍:जोड़े जाएंगे 1 करोड़ किसान§ֆ:आने वाले दो सालों में एनएमएनएफ को इच्छुक ग्राम पंचायतों के 15,000 समूहों में लागू किया जाएगा. साथ ही 1 करोड़ किसानों तक पहुंचाया जाएगा और 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी. एनएफ खेती करने वाले किसानों, एसआरएलएम/पीएसीएस/एफपीओ आदि के प्रचलन वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, किसानों के लिए उपयोग के लिए तैयार एनएफ लागत की आसान उपलब्धता और पहुंच प्रदान करने के लिए आवश्यकता-आधारित 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे.§֍:किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण§ֆ:इस अभियान द्वारा कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और किसानों के खेतों में लगभग 2000 एनएफ मॉडल प्रदर्शन फार्म स्थापित किए जाएंगे. इन्हें अनुभवी और प्रशिक्षित किसान मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी. इच्छुक किसानों को उनके गांवों के पास केवीके, एयू और एनएफ खेती करने वाले किसानों के खेतों में एनएफ पैकेज ऑफ प्रैक्टिस, एनएफ इनपुट की तैयारी आदि पर मॉडल प्रदर्शन फार्मों में प्रशिक्षित किया जाएगा.§֍:उत्पादों की होगी ब्रांडिंग§ֆ:किसानों को एक आसान सरल प्रमाणन प्रणाली और समर्पित सामान्य ब्रांडिंग प्रदान की जाएगी ताकि उन्हें अपने प्राकृतिक कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंच प्रदान की जा सके. एनएमएनएफ कार्यान्वयन की वास्तविक समय की जियो-टैग और संदर्भित निगरानी एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी. इस पहल से किसानों को उनकी खेती में लागत कम करने, रसायन मुक्त उत्पादन करने और बाहरी स्रोतों से निर्भर्ता घटाने में भी मदद मिलेगी. इस योजना से किसानों को सरकार द्वारा प्राकृतिक उत्पादों के लिए सरल प्रमाणीकरण और विशेष ब्रांडिंग की सुविधा मिलेगी. साथ ही कृषि उत्पादों के लिए सुगम मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध होंगे.§ֆ:
§प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सराकर ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग शुरु किया है. इसके तहत सरकार कुल 2,481 करोड़ रुपये की लागत प्राकृतिक खेती पर खर्च करेगी. इस मिशन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती की प्रणालियों को बढ़ावा देना है. जिसके जरिए सरकार प्राकृतिक खेती में देश के 1 करोड़ किसानों को जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देगी. पारंपारिक ज्ञान पर आधारित, कसान रसायन मुक्त खेती के रूप में प्राकृतिक खेती की आदत डालेंगे. इससे कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव के साथ रसायन मुक्त उत्पादन हो सकेगा.
§प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सराकर ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग शुरु किया है. इसके तहत सरकार कुल 2,481 करोड़ रुपये की लागत प्राकृतिक खेती पर खर्च करेगी. इस मिशन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती की प्रणालियों को बढ़ावा देना है. जिसके जरिए सरकार प्राकृतिक खेती में देश के 1 करोड़ किसानों को जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देगी. पारंपारिक ज्ञान पर आधारित, कसान रसायन मुक्त खेती के रूप में प्राकृतिक खेती की आदत डालेंगे. इससे कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव के साथ रसायन मुक्त उत्पादन हो सकेगा.

