֍:मंत्री ने कही ये बात§ֆ:कमलेश पासवान ने कहा, “मेरी निजी राय है, मैं उनसे आग्रह करूंगा कि हमारे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी बहुत सुलभ व्यक्ति हैं, जो कोई भी उनसे किसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मिलना चाहता है, उसके लिए चर्चा के लिए इससे बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती.” उन्होंने कहा कि दूसरों को परेशान करने वाले विरोध प्रदर्शन से कोई मदद नहीं मिलेगी. “इसका समाधान केवल बातचीत के जरिए ही हो सकता है.” §֍:यूपी में विरोध प्रदर्शन जारी§ֆ:उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से किसान सरकार द्वारा अधिग्रहित अपनी जमीन के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए सोमवार को नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे और राष्ट्रीय राजधानी तक मार्च करने की योजना बनाई, लेकिन उन्हें रोक दिया गया. किसानों की मांगों में भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के तहत भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बकाया राशि का भुगतान शामिल है. इसके अलावा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं. §֍:SKM निकालेगा मार्च§ֆ:संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले जमा हुए किसानों ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और अपनी कई अन्य मांगों को लेकर पहले दिल्ली तक पैदल मार्च की घोषणा की है. इसको लेकर मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि किसानों ने पुलिस को आश्वासन दिया है कि वे शांतिपूर्ण रहेंगे और मार्च में ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं ले जाएंगे. उन्होंने मार्च करने वालों के बारे में कहा, “वे पैदल जाएंगे.” किसान संगठनों ने बताया है कि किसानों के पहले ‘जत्थे’ का नेतृत्व सतनाम सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह चौटाला, सुरजीत सिंह फूल और बलजिंदर सिंह करेंगे. §राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश पासवान ने गुरुवार किसानों के आंदोलन को लेकर बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लाभ के लिए कई कदम उठाए हैं और अगर उन्हें कोई समस्या है तो उन्हें कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ आकर इस पर चर्चा करनी चाहिए. पासवान ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मोदी सरकार ने किसानों के लिए जितना काम किया है, उतना किसी अन्य सरकार ने नहीं किया. हमने हर क्षेत्र में उनकी मदद की है.”

