֍:13 लाख टन अभी भी बकाया§ֆ:खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024-25 के दौरान पंजाब में किसानों से लगभग 172 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई. वहीं, धान खरीद टारगेट 185 लाख टन था. इस हिसाब से खरीद एजेंसियां 13 लाख मीट्रिक टन धान की कम खरीद कर सकीं हैं.§֍:55 हजार किसानों ने नहीं बेचा केंद्रों पर धान§ֆ:आंकड़ों के अनुसार, पंजाब से 8.09 लाख किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. लेकिन एमएसपी का फायदा 7.48 लाख किसानों को ही मिला. इस हिसाब से करीब 55 हजार से अधिक किसानों ने धान को सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं बेचा, उन्होंने या तो धान को खुद स्टॉक करके रख लिया है या निजी प्लेयर्स को बेच दिया है. §֍:हरियाणा में भी टारगेट अधूरा§ֆ:पंजाब किसानों के साथ हरियाणा में भी धान खरीद का टारगेट अधूरा रह गया. 15 नवंबर को हरियाणा में खरीद अवधि खत्म हो गई थी. सभी खरीद एजेंसियों ने राज्य की सभी अनाज मंडियों में 60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 53.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है. आंकड़ों के अनुसार इस साल की खरीद पिछले सीजन में हासिल की गई 59 लाख मीट्रिक टन से भी काफी पीछे है.§पंजाब में धान की खरीदी का टारगेट अभी तक पूरा नहीं हो सका है. केंद्रीय खाद्यान पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के जरिए पंजाब से 185 लाख टन धान खरीद का टारगेट था. इसमें से 13 लाख टन कम खरीद की जा सकी है. वहीं, 8.09 लाख किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 55 हजार किसानों ने धान की बिक्री नहीं की है.

