֍:दामों में गिरावट§ֆ:महाराष्ट्र में इस खरीफ सीजन में प्याज का अच्छा उत्पादन हुआ है. दामों में गिरावट का कारण महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में प्याज की आवक में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी होना बताया जा रहा है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो पाकिस्तान से दुबई और खाड़ी देशों में भारत की तुलना में कम कीमत पर प्याज का निर्यात किया जा रहा है. जिसके कारण प्याज की डिमांड नहीं है और सप्लाई ज्यादा हो रही है.§֍:जानें क्या है दाम?§ֆ:कृषि उपज मंडी समिति, लासलगांव के मुख्य बाजार परिसर में खरीफ प्याज का औसत मूल्य 3600 रुपये प्रति क्विंटल था, जो कि घटकर 2700 रुपये पर आ गया है. यानि केवल दो दिनों में लगभग 1000 रुपये प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट हुई है. इसी परेशानी को देखते हुए किसानों ने वित्त मंत्री से को पत्र में लिखा कि प्याज के निर्यात पर लगाए गए 20 प्रतिशत शुल्क को तुरंत कम करना या इसे पूरी तरह से समाप्त करना जरूरी है. इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की मांग बढ़ेगी, और घरेलू बाजार के कीमतों में स्थिरता आ सकेगी. लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष ने पत्र में वित्त मंत्री से निवेदन कि है की इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर यहां के किसानों को राहत प्रदान करें.§देशभर की कई मंडियों में प्याज के भाव में गिरावट होने से किसान काफी परेशान हैं. इसी के चलते महाराष्ट्र के लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिख कर इसके समाधान पर विचार करने का आग्रह किया है. यहां नए खरीफ प्याज के आवक से प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है. ऐसे में किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है.

