मणिपुर के कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और भविष्य की योजनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले।
मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-1) की अवधि बढ़ाए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के विस्तार से मणिपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर हुआ है, जिससे किसानों को बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
बैठक में मणिपुर में कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विभिन्न कृषि और ग्रामीण विकास परियोजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मणिपुर में जैविक खेती, बागवानी और लघु किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र से इन क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की अपेक्षा भी जताई।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को मणिपुर में छह नए कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) स्थापित करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों के खुलने से किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सलाह सीधे उनके क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने राज्य में एक आधुनिक टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी जोर दिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। टिशू कल्चर लैब की स्थापना से उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उत्पादन संभव होगा, जिससे बागवानी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी, खासकर फल और फूलों की खेती में।
इस बैठक को मणिपुर के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि राज्य में KVK केंद्रों और टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना होती है, तो इससे किसानों को उन्नत बीज, बेहतर तकनीक और प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
ग्रामीण विकास के संदर्भ में भी यह बैठक अहम रही। बेहतर सड़क संपर्क, कृषि सुविधाओं का विस्तार और तकनीकी सहायता से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने बैठक के बाद कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग मणिपुर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण समुदाय के हित में हर संभव कदम उठा रही है।

