देशभर में महान स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के पुरोधा Jagjivan Ram की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने भी उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने संदेश में कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि आज़ादी के बाद भी समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा का अद्भुत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
Jagjivan Ram भारतीय राजनीति के उन महान नेताओं में से एक थे, जिन्होंने सामाजिक समानता और न्याय को अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। उनके प्रयासों से देश में सामाजिक न्याय की दिशा में नई सोच और नई नीतियों को बल मिला।
अमित शाह ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि बाबू जगजीवन राम ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अभूतपूर्व योगदान दिया और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए विभाजनकारी शक्तियों का डटकर सामना किया। उनके विचार और सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे। समाज में समानता और न्याय स्थापित करने के उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा।
बाबू जगजीवन राम का राजनीतिक जीवन भी बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए देश के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में लिए गए निर्णयों ने देश की नीतियों और योजनाओं को नई दिशा दी। वे हमेशा गरीबों, किसानों और श्रमिकों के हितों के लिए खड़े रहे और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहे।
आज के समय में, जब समाज में समानता और समावेशिता की बात की जाती है, तब बाबू जगजीवन राम के विचार और कार्य और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए समाज के लिए कार्य करना ही सच्ची सेवा है।
अमित शाह द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि देश आज भी अपने महान नेताओं के योगदान को याद करता है और उनसे प्रेरणा लेता है। बाबू जगजीवन राम की जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन उनके आदर्शों को अपनाने और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेने का भी दिन है।
कुल मिलाकर, Jagjivan Ram की जयंती पर पूरे देश ने उन्हें नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

