भारत सरकार के महत्वाकांक्षी भारतएआई मिशन के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी बदलाव को गति देते हुए कैंसर देखभाल के लिए 10 अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधानों का चयन किया गया है। यह चयन भारतएआई–एनसीजी कैंसर एआई एवं प्रौद्योगिकी चैलेंज (CATCH) के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य कैंसर उपचार की पूरी प्रक्रिया को अधिक सटीक, सुलभ और प्रभावी बनाना है।
सरकार द्वारा 7 मार्च 2024 को मंजूर किया गया यह मिशन देश में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख स्तंभों—कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, टैलेंट, स्टार्टअप्स, एप्लिकेशन डेवलपमेंट और एथिकल एआई—पर आधारित है। इस पहल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड के सहयोग से आयोजित इस चैलेंज में देशभर के स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और हेल्थकेयर संगठनों से कुल 299 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। कठोर बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 10 बेहतरीन समाधानों को अनुदान के लिए चुना गया।
चयनित समाधानों को शुरुआती चरण में प्रति प्रोजेक्ट अधिकतम ₹50 लाख की सहायता दी जाएगी, जो उनके विकास, परीक्षण और पायलट प्रोजेक्ट के लिए उपयोग होगी। सफल प्रदर्शन करने वाले प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए ₹1 करोड़ तक की अतिरिक्त फंडिंग भी दी जा सकती है।
यह चैलेंज सात प्रमुख क्षेत्रों—स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, क्लीनिकल ट्रीटमेंट, पेशेंट एंगेजमेंट, रिसर्च, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और डेटा मैनेजमेंट—पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य इन AI समाधानों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं में लागू कर कैंसर इलाज को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकार ने इस पहल में डेटा सुरक्षा और नैतिकता को भी प्राथमिकता दी है। सभी चयनित परियोजनाओं के लिए संस्थागत नैतिक समिति (IEC) की मंजूरी अनिवार्य होगी और डेटा प्रोटेक्शन मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह के नवाचार न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएंगे, बल्कि देश में रोजगार और तकनीकी विकास को भी नई दिशा देंगे।

