बीकानेर के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें महंगे कृषि यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि यहां कस्टम हायरिंग सेंटर की शुरुआत कर दी गई है। इस सुविधा के तहत किसान आधुनिक कृषि मशीनें बाजार दर से लगभग 50 प्रतिशत कम कीमत पर किराये पर ले सकेंगे, जिससे खेती की लागत में बड़ी कमी आएगी।
यह केंद्र स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय के एफआईएमटीटीसी (FIMTTC) में स्थापित किया गया है। खास बात यह है कि यहां भूमि तैयारी से लेकर फसल कटाई तक की करीब आठ प्रकार की आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे खेती के हर चरण में किसानों को तकनीकी सहायता मिलेगी।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा छोटे और सीमांत किसानों को होगा, जो महंगे उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं होते। अब वे जरूरत के अनुसार मशीनें किराये पर लेकर कम लागत में बेहतर खेती कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि की संभावना है।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। किसान मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से मशीनों की बुकिंग कर सकते हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी। यह केंद्र भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के 33 प्रमुख संस्थानों में शामिल है और अब तक विश्वविद्यालय के लिए करोड़ों रुपये की आय का स्रोत भी बन चुका है।
कस्टम हायरिंग सेंटर की यह पहल बीकानेर के किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी। इससे खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा, लागत घटेगी और उत्पादकता में सुधार होगा, जो कृषि क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम है।

