राजस्थान के बीकानेर के युवा पशुचिकित्सा छात्र Naveen Kumar Gehlot ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। जापान की राजधानी Tokyo में आयोजित विश्व पशुचिकित्सा कांग्रेस 2026 में विशेष वक्ता के रूप में भाग लेकर उन्होंने न केवल अपने शहर बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया। सम्मेलन में उनके शोध और विचारों को वैश्विक विशेषज्ञों ने सराहा, जिसके बाद वे युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
टोक्यो से बीकानेर लौटने पर नवीन गहलोत का परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। लोगों ने उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। युवा छात्र की सफलता ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई जा सकती है।
“वन हेल्थ” विषय पर प्रस्तुत किया शोध पत्र
विश्व पशुचिकित्सा कांग्रेस 2026 में नवीन गहलोत ने “पशु उत्पादकता और राष्ट्रीय समृद्धि पर वन हेल्थ का प्रभाव” विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। अपने शोध में उन्होंने बताया कि पशु स्वास्थ्य में निवेश केवल पशुपालन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि “वन हेल्थ” की अवधारणा आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है, क्योंकि मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा तो दूध, मांस और अन्य पशु उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
नवीन ने अपने शोध में यह भी बताया कि पशु रोगों की रोकथाम और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र का विकास तेज होगा।
वैश्विक विशेषज्ञों ने की प्रशंसा
सम्मेलन के दौरान विश्व पशुचिकित्सा संघ के अध्यक्ष Isao Kurauchi ने नवीन गहलोत के शोध की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा शोधकर्ताओं के ऐसे विचार भविष्य में पशु स्वास्थ्य और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने नवीन को आगे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करने और शोध कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। यह किसी भी भारतीय छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है कि उसके कार्य को वैश्विक विशेषज्ञों ने खुले मंच से सराहा।
WHO की महानिदेशक ने दिया इंटर्नशिप का निमंत्रण
नवीन गहलोत की उपलब्धियों से प्रभावित होकर विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक Emmanuelle Soubeyran ने उन्हें संस्था के साथ इंटर्नशिप का आमंत्रण भी दिया।
यह अवसर नवीन के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पशु स्वास्थ्य नीतियों और अनुसंधान कार्यों को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अवसर भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक मंच पर नए दरवाजे खोलते हैं और देश की वैज्ञानिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं।
युवाओं को पशुपालन और पशु चिकित्सा से जुड़ने का संदेश
सम्मेलन के दौरान नवीन गहलोत ने युवाओं से पशुपालन और पशु चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने किसानों को भी कृषि के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। नवीन के अनुसार यदि किसान उन्नत तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं तो वे अपनी आय में बड़ा इजाफा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में डेयरी, बकरी पालन, पोल्ट्री और पशु स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर बन सकती हैं।
सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को
नवीन गहलोत ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें पशु चिकित्सा और पशुपालन के क्षेत्र में रुचि थी और लगातार मेहनत तथा मार्गदर्शन के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिला।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने नवीन
नवीन गहलोत की इस उपलब्धि पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा Rajesh Kumar Saini ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा वर्ग को उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवीन जैसे प्रतिभाशाली युवा भारत को पशु चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को विज्ञान, अनुसंधान और ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में आगे आना चाहिए ताकि देश सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
बीकानेर के लिए गर्व का क्षण
टोक्यो में आयोजित विश्व पशुचिकित्सा कांग्रेस में शोध पत्र प्रस्तुत कर नवीन गहलोत ने बीकानेर और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर भारतीय युवा विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश के युवा इसी तरह विज्ञान, कृषि और पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ते रहे तो भारत वैश्विक स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

