उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे बारिश, आंधी, बाढ़ और ओलावृष्टि से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को अब त्वरित मदद मिल सकेगी। योगी सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए फसल बीमा से जुड़ी प्रक्रिया को और आसान बनाते हुए कई डिजिटल माध्यम शुरू किए हैं, जिनमें सबसे अहम है टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447।
प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब किसान इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी फसल के नुकसान की तुरंत सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा, ‘क्रॉप-इंश्योरेंस ऐप’ और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसानों को योजनाओं की पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक फसल बीमा पोर्टल पर भी लॉग-इन करने की सुविधा दी गई है।
सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर सहायता मिले और बीमा क्लेम की प्रक्रिया में देरी न हो। इसके साथ ही, यदि किसी किसान को डिजिटल माध्यमों में दिक्कत आती है, तो वे अपने जिले के उप कृषि निदेशक या जिला कृषि अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी किसानों की मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे।
फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कई तरह की परिस्थितियों में मुआवजा दिया जाता है। इसमें बुवाई न हो पाने की स्थिति, खड़ी फसल का नुकसान, कटाई के बाद 14 दिनों तक का नुकसान और स्थानीय आपदाएं जैसे जलभराव या भूस्खलन शामिल हैं। हालांकि, युद्ध या जानबूझकर किए गए नुकसान को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
सबसे खास बात यह है कि इस योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है। खरीफ फसल के लिए मात्र 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी या व्यावसायिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित है। बाकी राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है।

