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Home कृषि समाचार

अवैध कीटनाशकों के खिलाफ 13 राज्यों में डिजिटल अभियान, 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचेगा संदेश

Digital campaign against illegal pesticides across 13 states; message to reach over 2.5 million farmers.

Emran Khan by Emran Khan
August 13, 2026
in कृषि समाचार
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अवैध कीटनाशकों के खिलाफ 13 राज्यों में डिजिटल अभियान, 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचेगा संदेश
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भारत की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर फसल सुरक्षा और किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। क्रॉपलाइफ इंडिया (CropLife India) ने देश के 13 प्रमुख कृषि राज्यों में अवैध एवं नकली कीटनाशकों के खिलाफ व्यापक डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य किसानों को वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की पहचान करने, अधिकृत स्रोतों से कृषि उत्पाद खरीदने और फसल सुरक्षा रसायनों का सुरक्षित एवं जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना है।

इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने किया। अभियान की मुख्य थीम “जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें” रखी गई है। अभियान के माध्यम से देश के कृषि समुदाय तक सरल, व्यावहारिक और स्थानीय भाषाओं में जानकारी पहुंचाने की योजना है।

यह डिजिटल अभियान बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में चलाया जाएगा। अभियान के तहत 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

पांच भाषाओं में किसानों तक पहुंचेगा जागरूकता संदेश

अभियान की खासियत यह है कि किसानों तक जानकारी उनकी स्थानीय भाषाओं में पहुंचाई जाएगी। डिजिटल जागरूकता सामग्री हिंदी, तेलुगु, मराठी, तमिल और पंजाबी भाषाओं में तैयार की जाएगी।

इन संदेशों में किसानों को अवैध एवं संदिग्ध कीटनाशकों से सावधान रहने, गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक उत्पादों का चयन करने तथा अधिकृत विक्रेताओं से ही कृषि रसायन खरीदने के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल, उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों को पढ़ने, निर्धारित मात्रा में दवा का इस्तेमाल करने और छिड़काव के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों यानी PPE का उपयोग करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।

किसानों को वास्तविक कृषि इनपुट की पहचान के लिए किया जाएगा सशक्त

अभियान का उद्देश्य केवल अवैध कीटनाशकों के प्रति किसानों को चेतावनी देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना भी है, जिनकी मदद से वे कृषि इनपुट खरीदते समय सही निर्णय ले सकें।

कृषि उत्पादन में कीटनाशकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। फसलों को कीटों और रोगों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसान विभिन्न प्रकार के फसल सुरक्षा उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। यदि किसान को गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक उत्पाद उपलब्ध होता है और उसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो फसल नुकसान को कम करने तथा उत्पादकता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

वहीं अवैध या संदिग्ध कीटनाशक किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल से अपेक्षित फसल सुरक्षा परिणाम नहीं मिलने की स्थिति में किसान को दोहरा नुकसान उठाना पड़ सकता है—एक ओर उत्पाद खरीदने की लागत और दूसरी ओर फसल को होने वाला संभावित नुकसान।

इसीलिए अभियान के माध्यम से किसानों को जागरूक और सूचित निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्री रामनाथ ठाकुर ने सामूहिक प्रयास पर दिया जोर

अभियान का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि भारत की कृषि प्रगति के केंद्र में किसान हैं। किसानों को वास्तविक कृषि इनपुट की पहचान और उनके सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी उपलब्ध कराना कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि अवैध कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था या वर्ग की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसमें किसान, निर्माता, कृषि इनपुट विक्रेता, वैज्ञानिक, सरकारी एजेंसियां और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य सभी हितधारकों की सामूहिक भूमिका है।

मंत्री ने 13 राज्यों और कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू करने के लिए क्रॉपलाइफ इंडिया की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से लाखों किसानों तक सीधे पहुंचकर वास्तविक कृषि उत्पादों, सुरक्षित इस्तेमाल और जिम्मेदार फसल सुरक्षा पद्धतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों से अभियान को सक्रिय समर्थन देने और सुरक्षित, टिकाऊ एवं समृद्ध कृषि क्षेत्र के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

किसानों को खरीदारी के समय बिल लेने की सलाह

अभियान में किसानों को कीटनाशक खरीदते समय बिल या इनवॉइस जरूर लेने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जाएगा। किसानों से कहा जाएगा कि वे प्रत्येक खरीद पर अधिकृत विक्रेता से बिल प्राप्त करें और उत्पाद की पैकेजिंग तथा लेबल पर उपलब्ध जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

किसी भी कृषि इनपुट को खरीदते समय उसके स्रोत और गुणवत्ता को लेकर सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। अधिकृत एवं विश्वसनीय स्रोतों से उत्पाद खरीदने से किसानों को वास्तविक उत्पाद प्राप्त करने की संभावना बढ़ती है और खरीद से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है।

अभियान का संदेश स्पष्ट है कि किसान केवल कीमत देखकर कीटनाशक का चुनाव न करें, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और अनुशंसित उपयोग की जानकारी को भी ध्यान में रखें।

सही उत्पाद, सही मात्रा और सही समय पर इस्तेमाल जरूरी

अभियान के तहत किसानों को यह भी बताया जाएगा कि कीटनाशक का प्रभाव केवल उत्पाद की गुणवत्ता पर निर्भर नहीं करता, बल्कि उसके सही इस्तेमाल पर भी निर्भर करता है।

किसानों को सही उत्पाद, सही मात्रा और सही समय पर इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी। फसल, कीट या रोग की स्थिति के अनुसार अनुशंसित उत्पाद और निर्धारित मात्रा का पालन करना आवश्यक है।

बिना विशेषज्ञ सलाह के अधिक मात्रा में कीटनाशक का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। इससे लागत बढ़ने के साथ-साथ फसल, पर्यावरण और कृषि श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

इसलिए किसानों को उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों को पढ़ने और निर्धारित उपयोग पद्धति का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर

कीटनाशकों के सुरक्षित इस्तेमाल में किसान और कृषि श्रमिकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। अभियान में किसानों को छिड़काव के दौरान उपयुक्त Personal Protective Equipment (PPE) के इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया जाएगा।

इसके अलावा छिड़काव की अनुशंसित तकनीक अपनाने, उत्पाद के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर योग्य कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने का संदेश भी दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य फसल सुरक्षा के साथ-साथ किसान और कृषि श्रमिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है।

25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

क्रॉपलाइफ इंडिया के डिजिटल अभियान का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य इसकी व्यापक पहुंच है। संगठन के अनुसार, अभियान के माध्यम से 13 राज्यों में 25 लाख से अधिक किसानों तक जागरूकता संदेश पहुंचाया जाएगा।

डिजिटल संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर किसानों तक सरल और आसानी से समझ आने वाली जानकारी पहुंचाई जाएगी। अलग-अलग कृषि क्षेत्रों और भाषाई समुदायों को ध्यान में रखते हुए सामग्री तैयार की जाएगी, ताकि किसान अपने क्षेत्र और भाषा के अनुरूप संदेश को आसानी से समझ सकें।

देश में स्मार्टफोन और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल जागरूकता अभियान कृषि समुदाय तक कम समय में व्यापक स्तर पर जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

अवैध कीटनाशकों से आर्थिक नुकसान की आशंका

कृषि में कीट और रोग प्रबंधन फसल उत्पादन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि फसल सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया गया उत्पाद अपेक्षित गुणवत्ता का नहीं है, तो किसान को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

अवैध कीटनाशकों के इस्तेमाल से फसल सुरक्षा का उद्देश्य पूरा न होने की स्थिति में कीट या रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ किसान की लागत भी बढ़ सकती है।

ऐसे में किसानों को जागरूक बनाना और उन्हें वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट चुनने की क्षमता देना फसल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्रॉपलाइफ इंडिया ने सामूहिक भागीदारी का किया आह्वान

क्रॉपलाइफ इंडिया के महासचिव दुर्गेश चंद्र ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर किसानों को ज्ञान और सही जानकारी से सशक्त बनाना मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि अवैध कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। अभियान के माध्यम से 25 लाख से अधिक किसानों तक वास्तविक उत्पादों के चयन, प्रत्येक खरीद पर बिल लेने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार फसल सुरक्षा इस्तेमाल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि जागरूक किसान अपनी फसलों की बेहतर सुरक्षा करने, अनावश्यक नुकसान को कम करने और सुरक्षित एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था में योगदान देने में अधिक सक्षम होता है।

सुरक्षित कृषि के लिए सामूहिक संकल्प

अभियान के माध्यम से किसानों के साथ-साथ कृषि इनपुट डीलरों, निर्माताओं, वैज्ञानिकों, सरकारी एजेंसियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों को भी इससे जुड़ने का आह्वान किया गया है।

इस पहल का व्यापक संदेश है—“अवैध कीटनाशकों को ना कहें, सुरक्षित कृषि चुनें और समृद्ध भारत बनाएं।”

इसके तहत फसल सुरक्षा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग और जिम्मेदार कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान के प्रमुख संदेशों में किसानों को अवैध कीटनाशकों से सावधान रहने, वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद चुनने, अधिकृत स्रोत से खरीद करने, हर खरीद पर बिल लेने, उत्पाद का लेबल पढ़ने, निर्धारित मात्रा का पालन करने, PPE का इस्तेमाल करने और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने की बात शामिल है।

‘जागरूक किसान’ ही सुरक्षित खेती की मजबूत नींव

भारत की कृषि व्यवस्था में किसान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती को सुरक्षित, टिकाऊ और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।

कीटनाशकों के सही इस्तेमाल से फसलों को कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके लिए उत्पाद की गुणवत्ता और उपयोग की सही जानकारी दोनों आवश्यक हैं।

ऐसे में ‘जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें’ अभियान किसानों को कृषि इनपुट खरीदने और इस्तेमाल करने के दौरान सावधानी बरतने का महत्वपूर्ण संदेश देता है।

सुरक्षित किसान, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और समृद्ध भारत

स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में शुरू किया गया यह अभियान कृषि क्षेत्र में जागरूकता, जिम्मेदार फसल सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट के महत्व को रेखांकित करता है। 13 राज्यों में पांच भाषाओं के माध्यम से 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य इसे व्यापक स्तर की पहल बनाता है।

अभियान का अंतिम उद्देश्य किसानों को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि जागरूक और सूचित कृषि निर्णयकर्ता के रूप में सशक्त करना है। जब किसान वास्तविक उत्पाद की पहचान करने, अधिकृत स्रोत से खरीद करने और सुरक्षित तरीके से उसका इस्तेमाल करने में सक्षम होगा, तो इससे फसल सुरक्षा के साथ-साथ उसकी आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।

क्रॉपलाइफ इंडिया ने इस अभियान के माध्यम से ‘सुरक्षित उपयोग, टिकाऊ कृषि और समृद्ध किसान’ के संदेश को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

इस पहल का मूल संदेश यही है कि सुरक्षित किसान, असली कृषि उत्पाद और जिम्मेदार फसल सुरक्षा—एक मजबूत, टिकाऊ और समृद्ध भारतीय कृषि व्यवस्था की आधारशिला हैं।

जय हिंद। जय किसान।

 

Tags: CroplifeFarmingIndian Agricultue
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