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कृषि अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर, कृषि भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित

Fiza by Fiza
March 30, 2026
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कृषि अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर, कृषि भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित
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देश में कृषि अनुसंधान और नवाचार को गति देने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और CGIAR के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में हुई, जिसकी अध्यक्षता आईसीएआर के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव डॉ. एम. एल. जाट ने की।

बैठक में CGIAR के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों के प्रमुखों ने भाग लिया और कृषि क्षेत्र से जुड़े वर्तमान और भविष्य के मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। इसमें विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और टिकाऊ खेती जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि आज के दौर में कृषि क्षेत्र कई नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनसे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अनुसंधान संस्थानों के बीच ज्ञान, तकनीक और संसाधनों का आदान-प्रदान कृषि विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

बैठक के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि उभरती चुनौतियों का समाधान केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक नवाचार और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को अपनाना होगा। CGIAR के विशेषज्ञों ने वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे सफल मॉडलों और तकनीकों की जानकारी साझा की, जिन्हें भारत में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जा सकता है।

चर्चा में यह भी सामने आया कि जलवायु परिवर्तन के कारण खेती की पारंपरिक पद्धतियों पर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे किसानों की आय और उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सूखा-रोधी और जलवायु सहनशील फसलों के विकास, जल प्रबंधन की बेहतर तकनीकों और मृदा स्वास्थ्य सुधार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

बैठक में कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में रणनीतिक योजनाओं पर भी चर्चा की गई। इसमें यह तय किया गया कि भविष्य में ऐसे संयुक्त कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिनसे किसानों को सीधे लाभ पहुंचे और कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बन सके। इसके अलावा डिजिटल तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर भी विचार किया गया, ताकि खेती को आधुनिक और स्मार्ट बनाया जा सके।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कृषि क्षेत्र की प्रगति के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साझेदारी बेहद जरूरी है। आईसीएआर और CGIAR के बीच यह सहयोग न केवल अनुसंधान को नई दिशा देगा, बल्कि किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह बैठक भारत में कृषि अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में टिकाऊ कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।

 

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