प्रदेश के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) को बेहद अहम बताया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस रजिस्ट्री को सभी किसान हितैषी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि पंजीकृत किसानों को गेहूं खरीद, दलहनी और तिलहनी फसलों की खरीद के साथ-साथ बीज, उर्वरक, कृषि रसायन और कृषि यंत्रों का लाभ प्राथमिकता से मिल सके।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अभियान के रूप में तेजी से पूरा किया जाए। इसके लिए हर जिले में विशेष रणनीति बनाकर काम किया जाए और ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि प्रदेश का हर किसान, चाहे उसकी जोत छोटी हो या बड़ी, इस रजिस्ट्री से जुड़ना चाहिए। इससे किसानों को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सकेगा। इसके लिए सरकार व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाएगी, ताकि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
वहीं, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने जानकारी दी कि राज्य सरकार 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर हर ग्राम सचिवालय में फार्मर रजिस्ट्री कैंप लगाएगी। इन कैंपों के माध्यम से किसानों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण किया जाएगा, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इससे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता भी बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
अभियान के दौरान किसानों के नाम, भूमि और अन्य विवरण में मौजूद त्रुटियों को भी मौके पर ही ठीक किया जाएगा। इसके लिए लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक कैंप में जरूर उपस्थित रहें। साथ ही ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर पात्र किसान को इस रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें समय पर और बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ मिल सके। यह पहल न केवल किसानों के लिए राहतकारी साबित होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ाएगी।

