किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं और वैज्ञानिक सलाह सीधे गांव स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से Coromandel International Limited ने देश के 12 राज्यों के 101 गांवों में ‘ग्रोमोर ग्राम’ (Gromor Gram) पहल की शुरुआत की है। यह पहल किसानों को खेत स्तर पर तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है, ताकि खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सके।
यह कार्यक्रम आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात के चयनित गांवों में शुरू किया गया है। इस पहल के तहत हर ‘ग्रोमोर ग्राम’ को एक स्थानीय कृषि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ी विभिन्न सेवाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत किसानों को मिट्टी और पत्तियों की जांच, फसल संबंधी सलाह, खेतों में प्रदर्शन प्लॉट और ड्रोन के माध्यम से फसल छिड़काव जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकों और किसानों के खेतों में अपनाई जाने वाली पद्धतियों के बीच मौजूद दूरी को कम करना है।
कंपनी के अनुसार, ‘ग्रोमोर ग्राम’ मॉडल किसानों को शोध आधारित जानकारी को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाने में मदद करेगा, जिससे वे अपने खेतों में नई तकनीकों को आत्मविश्वास के साथ अपनाने में सक्षम हो सकेंगे। इससे फसल प्रबंधन बेहतर होगा और उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलेगा।
इस पहल के साथ ही कंपनी ने Nutri Connect App नामक एक डिजिटल सलाह मंच भी लॉन्च किया है। यह मोबाइल प्लेटफॉर्म किसानों को डेटा आधारित और व्यक्तिगत फसल पोषण संबंधी सलाह प्रदान करेगा। इसके जरिए किसान मिट्टी और पत्तियों की जांच, ड्रोन स्प्रे सेवा, खेत निरीक्षण और कृषि प्रदर्शन जैसी सेवाओं के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
यह ऐप किसानों को अपनी समस्याएं दर्ज करने, शिकायतें भेजने और नजदीकी न्यूट्री क्लिनिक की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा भी देता है। इसके अलावा इसमें मंडी भाव अपडेट और टैंक मिक्स संबंधी जानकारी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे किसान पूरे फसल चक्र के दौरान बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
कंपनी का कहना है कि ‘ग्रोमोर ग्राम’ और ‘न्यूट्री कनेक्ट’ ऐप मिलकर किसानों तक क्षेत्र विशेष के अनुसार वैज्ञानिक कृषि समाधान पहुंचाने का काम करेंगे। इससे खेती में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा और किसानों को समय पर सही सलाह मिल सकेगी। फिलहाल इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 75,000 से अधिक किसानों को जोड़ा गया है।
इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और बिक्री एवं विपणन (उर्वरक एवं एसएसपी) प्रमुख Madhab Adhikari ने कहा कि ‘ग्रोमोर ग्राम’ पहल का उद्देश्य किसानों के और करीब पहुंचना है। उन्होंने कहा कि कृषि विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों को एक साथ जोड़कर किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे उन्हें टिकाऊ उत्पादन और बेहतर आय हासिल करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें ग्रामीण स्तर पर कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गांवों में सीधे तकनीकी सहायता उपलब्ध होने से किसान नई तकनीकों को तेजी से अपनाते हैं, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है।

