देश के लाखों मुस्लिम श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज नीति 2027 (Haj Policy 2027) की घोषणा कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने नई हज नीति जारी करते हुए बताया कि आज से हज-2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इच्छुक हज यात्री अब ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए Haj Committee of India Portal और Haj Suvidha App की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार का कहना है कि इससे आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनेगी।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू
हज-2027 के लिए आवेदन आज से शुरू हो गए हैं। श्रद्धालु घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। मंत्रालय ने सभी पात्र आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
सरकार का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से पंजीकरण कर सकें।
हज कोटा बढ़ाने की होगी कोशिश
नई हज नीति के तहत फिलहाल हज कोटा वितरण का अनुपात पहले की तरह 70:30 रहेगा।
इसके अनुसार:
- हज कमेटी ऑफ इंडिया के लिए 1,22,518 सीटें
- निजी हज ऑपरेटरों के लिए 52,507 सीटें
पिछले वर्ष भारत का कुल हज कोटा 1,75,025 था। सरकार ने कहा है कि वह आगामी हज के लिए भारतीय यात्रियों का कोटा बढ़ाने के प्रयास भी करेगी।
हज-2026 की सफलताओं को आगे बढ़ाएगी नई नीति
हज नीति 2027 को हज-2026 में शुरू की गई कई यात्री-केंद्रित सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इन सुविधाओं में शामिल हैं:
- मीना में सोफा-कम-बेड व्यवस्था
- मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन यात्रा
- होटल जैसी आवास सुविधा
- 20 दिन का शॉर्ट हज पैकेज
इन पहलों के कारण भारतीय हज मिशन को पहली बार सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय द्वारा दो Labbaytum Awards भी प्रदान किए गए। यह सम्मान “Best Haj Coordination and Communication” श्रेणी में मिला।
वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को मिलेगा लाभ
हज नीति 2027 में प्रतीक्षा सूची से जुड़े यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार हज-2026 की अंतिम वेटिंग लिस्ट में शामिल शीर्ष 20 प्रतिशत आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को अवसर मिलने में मदद मिलेगी।
राज्य हज निरीक्षकों की संख्या बढ़ाई गई
यात्रियों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य हज निरीक्षकों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
पहले:
- 1 निरीक्षक पर 150 यात्री
अब:
- 1 निरीक्षक पर 135 यात्री
इस बदलाव से यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सहायता और बेहतर समन्वय मिल सकेगा।
कोलकाता से भी मिलेगा शॉर्ट हज पैकेज का लाभ
पिछले वर्ष शुरू किए गए 20 दिवसीय शॉर्ट हज पैकेज को श्रद्धालुओं से अच्छा प्रतिसाद मिला था।
इसी को देखते हुए हज नीति 2027 में इस योजना को जारी रखा गया है। साथ ही पूर्वी भारत के यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए कोलकाता को नया एम्बार्केशन पॉइंट (प्रस्थान केंद्र) बनाया गया है।
यह निर्णय पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों के यात्रियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
स्वास्थ्य जांच के नियम हुए और सख्त
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया है।
नई नीति के तहत चिकित्सा जांच को सऊदी अरब के स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप बनाया गया है। गंभीर या पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष जांच की जाएगी और आवश्यक होने पर उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
हज प्रबंधन में AI तकनीक का होगा इस्तेमाल
हज नीति 2027 की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग है।
मंत्रालय कई AI आधारित सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- आवेदन और दस्तावेजों का AI सत्यापन
- उड़ानों के आवंटन के लिए मांग विश्लेषण
- शिकायतों की रियल-टाइम निगरानी
- सेवा वितरण की डिजिटल ट्रैकिंग
इससे पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
24 घंटे मदद करेगा AI चैट असिस्टेंट
हज यात्रियों की सुविधा के लिए एक विशेष AI आधारित संवादात्मक सहायता प्रणाली भी विकसित की जा रही है।
यह सुविधा:
- हिंदी
- उर्दू
- प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं
में उपलब्ध होगी।
यात्री आवाज या टेक्स्ट के माध्यम से अपने सवाल पूछ सकेंगे और तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
यह AI असिस्टेंट निम्नलिखित कार्यों में मदद करेगा:
- आवेदन भरना
- दस्तावेज सत्यापन
- भुगतान संबंधी जानकारी
- उड़ान विवरण
- आवास जानकारी
- सामान से जुड़े नियम
- शिकायत दर्ज करना
- आपातकालीन सहायता प्राप्त करना
विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वाले और वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को इससे काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
Saudi Nusuk Platform से होगा एकीकरण
सरकार भविष्य में भारतीय हज प्रणाली को सऊदी अरब के Nusuk Platform के साथ जोड़ने की भी योजना बना रही है।
इससे भारतीय और सऊदी प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सरकार ने पारदर्शी और सुरक्षित हज का दिया भरोसा
हज नीति 2027 की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार प्रत्येक भारतीय हज यात्री को सुरक्षित, सम्मानजनक, पारदर्शी और सुविधाजनक हज यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने हज कमेटी ऑफ इंडिया और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए।

