बिहार, जुलाई, 2026: फसल तैयार होने के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है कि उपज सही दाम पर और बिना परेशानी के
बिक जाए। यदि खरीद की व्यवस्था मजबूत हो तो किसानों का समय भी बचता है और उनकी मेहनत का बेहतर फायदा
भी मिलता है। इसी दिशा में आर्या.एजी ने रीगाल के साथ मिलकर बिहार में Makka खरीद नेटवर्क को और मजबूत किया
है।
सीमांचल, बिहार में इस सीजन के दौरान आर्या.एजी की फील्ड टीम ने 3 करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की मक्का खरीद पूरी
की। इसके लिए आर्या एग्री वैल्यू रिसोर्स सेंटर्स (एवीआरसी), सीवीआरपीज़, फील्ड टीमों और 20 किसान उत्पादक
संगठनों (एफपीओ) ने मिलकर किसानों को सीधे रीगाल से जोड़ने का काम किया।
टीम ने किसानों को Makka सुखाने का सही तरीका बताया, नमी की जाँच कराई, गुणवत्ता की जाँच में मदद की और
डिस्पैच तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी। इससे किसानों को खरीदारों की जरूरतें समझने में आसानी हुई और एफपीओ भी संगठित खरीद प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
आर्या.एजी के चीफ बिजनेस ऑफिसर रितेश रमन ने कहा, बिहार का Makka उत्पादन देश की ग्रेन वैल्यू चेन में तेजी से
अहम् बन रहा है। एफपीओ और छोटे किसानों को भरोसेमंद खरीदारों से जोड़कर उन्हें बेहतर बाजार और ज्यादा मूल्य दिलाया जा सकता है।
रीगाल रिसोर्सेज के प्रोक्योरमेंट हेड विवेक लिल्हा ने कहा, आर्या.एजी के साथ साझेदारी से खरीद प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित हुई। गुणवत्ता जाँच, डिस्पैच प्लानिंग और एफपीओ के साथ बेहतर तालमेल से हमें अपनी जरूरत के मुताबिक बेहतर गुणवत्ता वाला मक्का मिल सका।आर्या.एजी के नेशनल इम्प्लीमेंटेशन लीड शोएब अख्तर ने कहा, जब किसानों को कीमत, गुणवत्ता और खरीदार की जरूरतों की सही जानकारी मिलती है, तब खरीद प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनती है।
इस सीजन में 1,500 मीट्रिक टन से ज्यादा Makka की सफल खरीद हुई। आर्या.एजी अब अगले सीजन के लिए भी एफपीओ,
सीवीआरपीज़ और खरीदारों के साथ मिलकर किस्मवार मक्का खरीद की तैयारी कर रहा है। कंपनी का मानना है कि
किसानों को सही जानकारी, मजबूत खरीद व्यवस्था और भरोसेमंद बाजार मिलें, तो उनकी आय बढ़ाने का रास्ता भी
आसान हो जाता है।

